रानीपोखरी में राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय निर्माण पर लंबित कार्रवाई को लेकर प्रधान संगठन ने जताया रोष

रानीपोखरी में राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय निर्माण पर लंबित कार्रवाई को लेकर प्रधान संगठन ने जताया रोष

स्थान – ऋषिकेश
ब्यूरो रिपोर्ट

न्याय पंचायत रानीपोखरी के प्रधान संगठन ने क्षेत्र में लंबे समय से लंबित राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के निर्माण कार्य को शुरू कराने की मांग को लेकर हुंकार भरी है। संगठन के अध्यक्ष अनूप सिंह चौहान के नेतृत्व में प्रतिनिधियों ने तहसीलदार के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया।

ज्ञापन में प्रधान संगठन ने कड़ा रोष व्यक्त करते हुए बताया कि 20 मार्च 2019 को तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत द्वारा ग्राम भट्टनगरी, लिस्ट्राबाद रानीपोखरी में विश्वविद्यालय का भूमि पूजन किया गया था। लेकिन 7 साल बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य धरातल पर शुरू नहीं हो पाया है।

संगठन के सदस्यों ने चेतावनी दी कि विश्वविद्यालय के लिए चिह्नित भूमि को ‘सौंग विस्थापितों’ को देने की तैयारी चल रही है, जिसका स्थानीय ग्रामीणों द्वारा कड़ा विरोध किया जा रहा है।

ज्ञापन देने वाले प्रतिनिधियों ने कहा कि यदि सरकार जल्द ही निर्माण प्रक्रिया शुरू करने का ठोस आश्वासन नहीं देती, तो जनप्रतिनिधि भूख हड़ताल और आमरण अनशन जैसे कठोर कदम उठाने को मजबूर होंगे।

स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने बताया कि निर्माण में देरी के विरोध में वे 17 फरवरी 2025 से धरने पर बैठे हैं। उनका कहना है कि विश्वविद्यालय क्षेत्र के विकास और युवाओं के भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

ज्ञापन सौंपने वालों में प्रधान संगठन के अध्यक्ष अनूप सिंह चौहान के साथ क्षेत्र के विभिन्न ग्राम पंचायतों के प्रधान और प्रतिनिधि शामिल रहे। ज्ञापन पर ग्राम पंचायत रैनापुर, कौडिया, डांडी, इस्ट्राबाद और क्षेत्र पंचायत सदस्यों की मुहर और हस्ताक्षर भी मौजूद थे।

स्थानीय लोग सरकार से अपील कर रहे हैं कि विश्वविद्यालय निर्माण कार्य जल्द शुरू किया जाए, ताकि क्षेत्र में शिक्षा का स्तर सुधर सके और युवाओं को उच्च शिक्षा के अवसर मिल सकें।