
स्थान – काशीपुर
ब्यूरो रिपोर्ट

काशीपुर के ऐतिहासिक और सुप्रसिद्ध श्री चैती मेला माँ बाल सुन्दरी के आयोजन को लेकर इस बार प्रशासन ने राजस्व और व्यवस्थाओं के मामले में नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। वर्ष 2026 के लिए संपन्न हुई टेंडर प्रक्रिया में पिछले वर्षों की तुलना में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है।


प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष मेले की कुल टेंडर राशि 4 करोड़ 70 लाख 40 हजार 606 रुपये तक पहुंच गई है। पिछले वर्ष यह राशि 4 करोड़ 21 लाख 31 हजार 786 रुपये थी। इस तरह इस बार करीब 49 लाख रुपये से अधिक की अतिरिक्त आय प्रशासन को प्राप्त हुई है।


इस उपलब्धि का श्रेय उपजिलाधिकारी (एसडीएम) अभय सिंह के नेतृत्व में की गई सुदृढ़ व्यवस्थाओं और पारदर्शी टेंडर प्रक्रिया को दिया जा रहा है। प्रशासन की रणनीतिक योजना और बेहतर प्रबंधन के कारण मेले के विभिन्न मदों में राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिली है।


सबसे अधिक बढ़ोतरी ‘दुकानें एवं तहबाजारी’ मद में दर्ज की गई है। पिछले वर्ष जहां इस मद से 2 करोड़ 21 लाख रुपये की आय हुई थी, वहीं इस वर्ष यह बढ़कर 2 करोड़ 63 लाख 55 हजार 932 रुपये तक पहुंच गई है। इससे स्पष्ट है कि व्यापारियों का भरोसा प्रशासन की व्यवस्थाओं पर लगातार मजबूत हुआ है।
मेले के अन्य प्रमुख मदों में भी अच्छी आय दर्ज की गई है। झूला तमाशा से 1 करोड़ 72 लाख 51 हजार 111 रुपये और पार्किंग व्यवस्था से 18 लाख 21 हजार 786 रुपये की आय प्राप्त हुई है, जो मेले की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है।
वहीं ‘विद्युत व साउंड’ व्यवस्था का टेंडर 16 लाख 11 हजार 777 रुपये में संपन्न कराया गया है। प्रशासन ने इस मद में लागत प्रबंधन का संतुलित उदाहरण पेश करते हुए आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने पर जोर दिया है।

प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि चैती मेला क्षेत्र की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। बेहतर प्रबंधन और पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से मेले की भव्यता और सुविधाओं को और मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं और व्यापारियों दोनों को बेहतर व्यवस्था मिल सके।

