पहाड़ी व्यंजनों की परंपरा पुलिस के भोजनालय में अभी भी कायम

रिपोर्टर पंकज

हल्द्वानी

पहाड़ी व्यंजन रासायनिक खादों से मुक्त होने के साथ-साथ, स्वादिष्ट एवं स्फूर्ति वर्धक भी माना जाता है।

जनपद नैनीताल स्तर पर पुलिसकर्मियों को शुद्ध एवं स्वास्थ्य वर्धक भोजन उपलब्ध कराए जाने हेतु पुलिस भोजनालय में पहाड़ी व्यंजनों को वरीयता दी गई है। जिन्हें पुलिस कर्मियों द्वारा खूब पसंद किया जा रहा है।


बताते चलें कि जनपद नैनीताल स्तर पर 14 थाना एवं रिजर्व पुलिस लाइन के भोजनालय में पुलिस कर्मचारी गणों की रूचि के अनुसार उन्हें पहाड़ी व्यंजनों के विभिन्न पकवानो को बनाकर खिलाया जा रहे हैं। जिनमें मुख्यत:


भट्ट की चुडकानी, स्थानीय हरी सब्जियां, भट्ट के डुबके, गहत की दाल, झोली, पहाडी चावल, पहाडी राजमा, मूली का पुलाव, मूली का थेचुवा, जौ, गेहूँ, मडुवा मिक्स स्थानीय आटा, गडेरी, चौलाई का साग, मडुवे की रोटी, ककड़ी का रायता इत्यादि व्यंजनों को वरीयता दी जा रही है।