
रिपोर्टर पंकज

हल्द्वानी



ल्द्वानी में दिल्ली में जाकर भाजपा में कैबिनेट मंत्री और भाजपा में विधायक रहे संजीव आर्य और यशपाल आर्य ने कांग्रेस का दामन थाम लिया लोगों को वादा पूरा करने का वादा करने वाले राजनीतिक नेता का चेहरा कैसा लगता है यह सामने धीरे-धीरे आ रहा है लेकिन जनता राज राजनेताओं के वादे पर भरोसा कर लेती हैं 2017 में कांग्रेस का दामन छोड़कर भाजपा में शामिल हुए यशपाल आर्य संजीव ने कांग्रेस की नीतियों को बुरा बताया आज फिर दोबारा 2022 का चुनाव आने से पहले यशपाल आर्य और संजीव आर्य ने कांग्रेस का दामन थाम लिया जो कल तक कांग्रेस की नीतियों को बुरा बता रहे थे आज उन्हीं नीतियों के साथ चले गए अब कल यह भाजपा की नीतियों को बुरा बताएंगे अब राजनेताओं का कैसा आचरण है आप खुद ही समझ सकते हैं अपने फायदे के लिए दल को बदलकर जनता को गुमराह करते हैं और जनता इन नेताओं की बातों में आ जाती है जिस प्रकार से नेता आए दल बदल कर अपना फायदा सोचते हैं और जनता को गुमराह करते रहते हैं आज जिस प्रकार से भाजपा कांग्रेस में नेताओं का आदान-प्रदान हो रहा है


तो यह सभी नेता अपने अपने फायदे के लिए दल में आदान-प्रदान कर रहे हैं अगर आप सोचते हैं कि यह आपके फायदे के लिए अपना दल बदल रहे हैं तो आप गलत सोचते हैं कल यह फिर आप लोगों के बीच वोट मांगने आएंगे आप जब इनसे सवाल पूछेंगे तो यह कहेंगे कि सरकार ने हमारे विधानसभा की सुनी नहीं जिस कारण हमने पार्टी को छोड़ना पड़ा अब आप इनकी बातों में मत आइए अपना निर्णय खुद लीजिए नेताओं ने किस विधानसभा में उत्तराखंड के अंदर विकास किया कोई भी नेता इस बारे में स्पष्ट नहीं कह सकता केवल अपना ही भला करने वाले भाजपा और कांग्रेस के नेता आज जिस प्रकार से दलबदल जनता को गुमराह कर रहे हैं तो यह क्या देश का विकास करेंगे इस केवल सिर्फ अपना विकास करना जानते हैं 2017 में बड़े जोर शोर से कहा था कि कांग्रेस की नीतियां जनता के हितों की नहीं और भाजपा जनता के हितों के लिए काम करती है आज किस कारण से भाजपा को छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुई क्या भाजपा जनता के हितों में काम नहीं करती या भाजपा में यशपाल आर्य संजीव आर्य


मान सम्मान नहीं मिल पा रहा था जिस कारण भाजपा छोड़ी गई या अपने फायदे के लिए सीएम बनने की लालसा देकर कांग्रेसमें गए कई सवाल इन नेताओं से पहुंचने वाले हैं लेकिन इन नेताओं के पास कोई भी

जवाब नहीं होता है नेता लोग अपने फायदे के लिए दलों को बदलते हैं अब किस फायदे को लेकर यशपाल आर्य और संजीव आर्य दोबारा कांग्रेस में शामिल हुए यह सब जवाब ना तो उनके पास है ना ही किसी भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के किसी भी नेता के पास होगा



