सड़क सुरक्षा केवल प्रवर्तन नहीं, जनभागीदारी से ही संभव: आरटीओ प्रवर्तन डॉ. अनीता चमोल

सड़क सुरक्षा केवल प्रवर्तन नहीं, जनभागीदारी से ही संभव: आरटीओ प्रवर्तन डॉ. अनीता चमोल

स्थान -देहरादून

ब्यूरो रिपोट

डॉ. अनीता चमोल ने कहा कि सड़क सुरक्षा सिर्फ प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हर सड़क उपयोगकर्ता की समान भागीदारी आवश्यक है। जनवरी और फरवरी 2026 के दौरान मनाए गए सड़क सुरक्षा माह में विभिन्न आयु वर्ग के लोगों को जोड़ते हुए कई जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।

इस अभियान का उद्देश्य केवल चालान या दंडात्मक कार्रवाई तक सीमित नहीं था, बल्कि दुर्घटनाओं की रोकथाम और नागरिकों में जिम्मेदारी की भावना विकसित करना रहा। इस दौरान ड्राइवरों, कंडक्टरों, स्कूल और कॉलेज के छात्रों सहित आम नागरिकों के लिए अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें एक विशेष सड़क सुरक्षा कार्निवल भी शामिल था।

डॉ. चमोल ने बताया कि छोटे बच्चों से लेकर वरिष्ठ नागरिकों तक ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की और पुरुष व महिलाओं की सक्रिय उपस्थिति ने इसे सफल जनजागरूकता अभियान का रूप दिया। उनका कहना है कि सड़क सुरक्षा नियम सभी जानते हैं, लेकिन उनका पालन सुनिश्चित करना सबसे बड़ी चुनौती है।

अभियान में सिविक सेंस विकसित करने, सड़क सुरक्षा को दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने और पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर भी जोर दिया गया। डॉ. चमोल ने कहा कि जैसे हम अन्य सामाजिक और शैक्षणिक अनुशासन का पालन करते हैं, उसी तरह ट्रैफिक नियमों का पालन करना भी हर नागरिक का कर्तव्य है।

इस अभियान के माध्यम से संदेश दिया गया कि सड़क सुरक्षा को केवल नियमों का पालन नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और कर्तव्य के रूप में अपनाना आवश्यक है।