
स्थान : डोईवाला

ब्यूरो रिपोर्ट

डोईवाला स्थित जॉली ग्रांट एयरपोर्ट पर ओला, उबर और रैपिडो जैसी कंपनियों को संचालन की अनुमति दिए जाने के बाद प्रीपेड टैक्सी सेवा से जुड़े स्थानीय ड्राइवरों और वाहन मालिकों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।

प्रीपेड टैक्सी यूनियन का आरोप है कि एयरपोर्ट प्रशासन के इस निर्णय से स्थानीय लोगों की रोजी-रोटी पर सीधा असर पड़ेगा। यूनियन पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि शासन-प्रशासन ने मल्टीनेशनल कंपनियों के टैक्सी संचालन पर रोक नहीं लगाई, तो वे एयरपोर्ट पर अपनी सेवाएं बंद कर बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।


जोली ग्रांट एयरपोर्ट टैक्सी मालिक-ड्राइवर यूनियन के प्रधान संजय सिंधवाल ने बताया कि वर्तमान में एयरपोर्ट पर लगभग 500 गाड़ियां संचालित हो रही हैं और एक हजार से अधिक लोग इससे रोजगार प्राप्त कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस फैसले से स्थानीय युवाओं और परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा होगा।

यूनियन के आंदोलन को समर्थन देने के लिए डोईवाला नगर पालिका अध्यक्ष नरेंद्र सिंह नेगी और परवादून कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल भी एयरपोर्ट पहुंचे। उन्होंने शासन-प्रशासन से आग्रह किया कि स्थानीय हितों को ध्यान में रखते हुए निर्णय पर पुनर्विचार किया जाए।

यूनियन ने साफ किया कि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई न होने पर उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।


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स्थानीय ड्राइवरों का कहना है कि एयरपोर्ट पर काम करने वाले लोग ज्यादातर छोटे परिवारों पर निर्भर हैं और मल्टीनेशनल कंपनियों के प्रवेश से उनकी आजीविका पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा।
एयरपोर्ट प्रशासन ने फिलहाल इस मामले पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं दी है, लेकिन तनाव की स्थिति को देखते हुए सुरक्षा और संचालन पर विशेष नजर रखी जा रही है।

