खटीमा में भोजन माताओं का प्रदर्शन, राज्य कर्मचारी दर्जा और वेतन बढ़ोतरी की मांग

खटीमा में भोजन माताओं का प्रदर्शन, राज्य कर्मचारी दर्जा और वेतन बढ़ोतरी की मांग

स्थान – खटीमा ऊधम सिंह नगर

रिपोर्टर : अशोक सरकार

भोजन माताओं ने लंबे समय से लंबित अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। तहसील परिसर का घेराव करते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा और चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

भोजन माताओं ने मुख्य रूप से निम्नलिखित मांगों पर जोर दिया है:

  1. राज्य कर्मचारी का दर्जा: भोजन माताओं को चतुर्थ श्रेणी का दर्जा देकर राज्य कर्मचारी घोषित किया जाए।
  2. न्यूनतम वेतन: वर्तमान ₹3,000 प्रति माह के मानदेय को बढ़ाकर ₹26,000 प्रति माह करने की मांग की गई है।
  3. भविष्य निधि (PF) और ESI: सभी भोजन माताओं को पीएफ और ईएसआई की सुविधा प्रदान की जाए।
  4. शासनादेश रद्द करने की मांग: 31 जनवरी 2024 के आदेश (संख्या 847/पी०एम० पोषण/2023-24) को रद्द किया जाए, जिसमें बच्चों की संख्या कम होने पर माताओं को सेवा से हटाने का प्रावधान है।
  5. अतिरिक्त सुविधाएं: मातृत्व अवकाश, साल में दो बार ड्रेस और जूते, तथा सेवानिवृत्ति के समय ₹5 लाख आर्थिक सहायता।

भोजन माताओं का आरोप है कि वे पिछले 20–21 वर्षों से सरकारी स्कूलों में भोजन बनाने का कार्य कर रही हैं, लेकिन केवल 11 महीने का मानदेय मिलता है।

खटीमा के अलावा रामनगर, नैनीताल और पिथौरागढ़ में भी 2 फरवरी 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल और प्रदर्शन जारी हैं। प्रशासन ने मामले पर ध्यान देने की बात कही है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है।

इस हड़ताल और प्रदर्शन से संबंधित सरकारी स्कूलों में भोजन व्यवस्था प्रभावित हुई है और बच्चों व अभिभावकों में असंतोष बढ़ा है।