
स्थान :लोहाघाट

ब्यूरो रिपोर्ट

35 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय, राजकीय कर्मचारी का दर्जा और कार्यस्थल पर सम्मान की मांग को लेकर गुरुवार को चंपावत जिले की आशा कार्यकर्ताओं ने एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया।


लोहाघाट उप जिला चिकित्सालय में आशा कार्यकत्री संगठन की जिला अध्यक्ष सरस्वती पुनेठा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में आशाओं ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया।

धरने के कारण अस्पताल में आशाओं द्वारा किए जाने वाले कार्य पूरी तरह प्रभावित रहे। खासकर अल्ट्रासाउंड के लिए आने वाली गर्भवती महिलाओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

अस्पताल में पंजीकरण, डेस्क व अन्य सहयोगी कार्यों में भी व्यवधान देखने को मिला।

जिला अध्यक्ष सरस्वती पुनेठा ने कहा कि आज चंपावत जिले की सभी आशा कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ हैं

और सरकार द्वारा सौंपे गए दायित्वों को पूरी ईमानदारी से निभाती हैं। इसके बावजूद उन्हें न तो उचित मानदेय मिल रहा है और न ही सम्मान।
उन्होंने सरकार से मांग की कि आशाओं को 35 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाए, उन्हें राज्य कर्मचारी घोषित किया जाए और कार्यस्थल पर उचित सम्मान सुनिश्चित किया जाए।

पुनेठा ने कहा कि आशाएं लंबे समय से अपनी मांगें उठा रही हैं, लेकिन अब तक उनकी सुध नहीं ली गई है।
उन्होंने बताया कि आशा कार्यकर्ता शिशु एवं मातृ मृत्यु दर कम करने, गर्भवती महिलाओं की देखरेख, अल्ट्रासाउंड के लिए समन्वय तथा विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
आशा कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं की गईं तो वे 2027 के विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करने के साथ उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा पूर्व में आश्वासन दिए जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
धरने के दौरान आशाओं ने मुख्यमंत्री से शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई की मांग की।

