
स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट
ऋषिकेश में वन भूमि पर बसे लोगों का विरोध जारी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने अपनी मेहनत और कमाई से जमीन खरीदी और मकान बनाए हैं, ऐसे में उन्हें हटाना उन्हें बेघर करने के समान है।


स्थानीय विवाद को लेकर पूर्व कैबिनेट मंत्री और विधायक प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि यह मामला गंभीर है और इसे लेकर कार्रवाई हो रही है। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे को सांसद नरेश बंसल और महेंद्र भट्ट ने संसद में भी उठाया है।

विधायक प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि उन्होंने लोगों से खुद बात कर उन्हें अपील की है कि वे कानून हाथ में न लें और शांति बनाए रखें। उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं को कानूनी और संवैधानिक तरीके से हल किया जाएगा।


अग्रवाल ने कहा कि उन्होंने इस विषय में मुख्यमंत्री से भी चर्चा की है और उन्हें उम्मीद है कि मुख्यमंत्री इस मामले का संज्ञान लेंगे और प्रभावित लोगों को उचित राहत प्रदान की जाएगी।

स्थानीय प्रशासन ने भी कहा है कि विवादित भूमि पर किसी भी प्रकार की जबरदस्ती कार्रवाई से पहले सभी कानूनी पहलुओं की जांच की जाएगी।


स्थानीय लोग अब प्रशासन और राजनीतिक नेतृत्व की अगली कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। उनका कहना है कि उचित समाधान मिलने तक वे शांतिपूर्ण विरोध जारी रखेंगे।


विधायक ने जनता से अपील की कि वे धैर्य रखें और किसी भी तरह की अफवाह या हिंसा से बचें। उन्होंने कहा कि सभी प्रयास लोगों के हित में किए जा रहे हैं।

