मसूरी: माल रोड पर प्रतिबंधित समय में वाहन प्रवेश को लेकर विवाद, पास दुरुपयोग का आरोप

मसूरी: माल रोड पर प्रतिबंधित समय में वाहन प्रवेश को लेकर विवाद, पास दुरुपयोग का आरोप

स्थान : मसूरी

ब्यूरो रिपोर्ट

माल रोड पर प्रतिबंधित समय में वाहनों के प्रवेश को लेकर मसूरी में बड़ा विवाद खड़ा हो गया है।

नगर पालिका परिषद द्वारा शासकीय कार्य के नाम पर जारी विशेष प्रवेश पासों के कथित दुरुपयोग का मामला सामने आया है, जिससे स्थानीय टैक्सी यूनियन में रोष है।

आरोप है कि नगर पालिका ने राजीव जैन, आईआरएस (उप निदेशक, प्रवर्तन निदेशालय) के नाम पर शासकीय कार्य हेतु विशेष प्रवेश पास जारी किए थे,

लेकिन इन पासों का इस्तेमाल सरकारी कार्य के बजाय पर्यटकों के अवैध परिवहन में किया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए दिल्ली नंबर की तीन गाड़ियों को पिक्चर पैलेस और लाइब्रेरी बैरियर से प्रतिबंधित समय में प्रवेश की अनुमति दी गई थी।

इन वाहनों के जरिए क्लब महिंद्रा के समीप स्थित “समर क्लाउड स्टे” से पर्यटकों को माल रोड तक लाने-ले जाने का आरोप है।

इस मामले में किक्रेंग टैक्सी एसोसिएशन ने एक दिल्ली नंबर की इनोवा गाड़ी को पकड़ा। चालक द्वारा पर्यटकों के परिवहन की बात स्वीकार करने के बाद यूनियन ने वाहन के रजिस्ट्रेशन और दस्तावेजों पर भी सवाल उठाए।

यूनियन अध्यक्ष सुमित कुमार ने कहा कि इससे स्थानीय टैक्सी चालकों का रोजगार प्रभावित हो रहा है।

टैक्सी यूनियन ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए हैं। आरोप है कि शिकायत के बावजूद पुलिस ने केवल पॉल्यूशन चालान काटकर वाहन छोड़ दिया,

जिससे प्रभावशाली लोगों को संरक्षण मिलने की आशंका जताई जा रही है। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।

वहीं, वाहन चालक गौरव सिंह रावत ने अपने बचाव में कहा कि उसके पास नगर पालिका द्वारा जारी वैध प्रवेश पास है और वह केवल होमस्टे के पर्यटकों को ही लाने-ले जाने का कार्य करता है। उसने किसी भी नियम उल्लंघन से इनकार किया है।

मामले पर मसूरी कोतवाल देवेंद्र चौहान ने जांच की पुष्टि की है, जबकि नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन ने कहा कि सभी जारी किए गए पासों की जांच की जा रही है

और यदि कोई अनियमितता पाई गई तो पास तत्काल निरस्त किए जाएंगे। अब इस पूरे प्रकरण में प्रशासन की निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं।