
स्थान : देहरादून
ब्यूरो रेर्पोर्ट

राजाजी टाइगर रिजर्व में हाथी सफारी दोबारा शुरू होने के बाद पर्यटकों की संख्या में लगातार इजाफा देखने को मिल रहा है। देश-विदेश से आ रहे पर्यटक एलिफेंट सफारी का आनंद लेते हुए जंगल के रोमांचक नजारों का दीदार कर रहे हैं।


गौरतलब है कि वर्ष 2018 में उच्च न्यायालय के आदेशों के तहत हाथी सफारी पर रोक लगा दी गई थी। बाद में न्यायालय द्वारा रोक हटाए जाने के बावजूद लंबे समय तक यह सफारी बंद रही।

बीते वर्ष अत्यधिक वर्षा के कारण जंगल के ट्रैक क्षतिग्रस्त हो गए थे, जिसके चलते पार्क प्रशासन को सफारी शुरू करने में और देरी हुई।


ट्रैक की मरम्मत और आवश्यक तैयारियों के बाद मुख्य वन संरक्षक के आदेशों के तहत अब एलिफेंट सफारी को पुनः शुरू कर दिया गया है। इसके बाद से राजाजी टाइगर रिजर्व में पर्यटकों की आवाजाही में स्पष्ट बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।

फिलहाल राजाजी टाइगर रिजर्व की चीला रेंज में हाथी बाड़े में रहने वाली प्रशिक्षित मादा हाथी राधा और रंगीली पर्यटकों को जंगल भ्रमण करा रही हैं। कुशल महावतों की देखरेख में हाथी सफारी सुरक्षित ढंग से संचालित की जा रही है।

इस सफारी की खास बात यह है कि यह कोर एरिया तक जाती है, जहां जंगली जानवरों की चहल-कदमी बनी रहती है।

सफारी के दौरान पर्यटकों को बाघ, हाथी, हिरण, हाइना सहित विभिन्न वन्यजीवों और प्रवासी पक्षियों के दीदार का अवसर मिल रहा है, जिससे उनकी यात्रा और भी रोमांचक बन रही है।
चिला रेंज के वन क्षेत्र अधिकारी दीपक रावत ने बताया कि जंगल सफारी के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं और हाथी की सवारी का भरपूर आनंद ले रहे हैं।
उन्होंने बताया कि प्रशिक्षित मादा हाथियों को महावतों की निगरानी में सफारी में लगाया गया है। साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि राजाजी टाइगर रिजर्व के गेट 15 नवंबर को खोले गए थे, जो आगामी 15 जून तक खुले रहेंगे।

