
स्थान – देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण रविवार को लगातार नौवीं बार केंद्रीय बजट पेश करेंगी। यह अपने आप में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। इसके साथ ही वे भारत के संसदीय इतिहास में सबसे लंबे समय तक लगातार बजट पेश करने वाली और निरंतर कार्यकाल वाली वित्त मंत्री बन गई हैं।


निर्मला सीतारमण ने 31 जनवरी 2026 को अपने कार्यकाल के छह साल और आठ महीने पूरे कर लिए हैं। 1 फरवरी को पेश होने वाला यह बजट उनका लगातार नौवां बजट होगा, जो अब तक का एक रिकॉर्ड है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस उपलब्धि की सराहना की है और इसे देश के संसदीय इतिहास का अहम अध्याय बताया है।


भारतीय राजनीति में इससे पहले सी.डी. देशमुख सबसे लंबे समय तक वित्त मंत्री रहे थे। उन्होंने 1 जून 1950 को वित्त मंत्रालय का कार्यभार संभाला और लगभग छह साल दो महीने तक इस पद पर बने रहे।

आर्थिक उदारीकरण के लिए जाने जाने वाले मनमोहन सिंह ने 21 जून 1990 से 16 जून 1996 तक करीब पांच साल वित्त मंत्री के रूप में कार्य किया। बाद में प्रधानमंत्री रहते हुए उन्होंने 2008 और 2012 में कुछ समय के लिए वित्त मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार भी संभाला।
पी. चिदंबरम ने लगभग आठ वर्षों तक वित्त मंत्री के रूप में काम किया, लेकिन उनके कार्यकाल चार अलग-अलग चरणों में रहे। इसके अलावा मोरारजी देसाई (करीब 7 साल 9 महीने), प्रणब मुखर्जी (6 साल 4 महीने), अरुण जेटली (4 साल 8 महीने), वाई.बी. चव्हाण (4 साल 3 महीने) और यशवंत सिन्हा (4 साल 4 महीने) भी लंबे समय तक वित्त मंत्रालय संभालने वाले नेताओं में शामिल हैं। स्वतंत्र भारत के पहले वित्त मंत्री आर.के. शनमुखम चेट्टी थे।
इस मौके पर पूर्व वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार नौवीं बार संसद में बजट पेश कर रही हैं और ऐसा करने वाली वे देश की पहली महिला वित्त मंत्री हैं। उन्होंने कहा कि यह क्षण भारत के संसदीय इतिहास के लिए गर्व का विषय है।


