
स्थान – पौड़ी
ब्यूरो रिपोर्ट
जनपद के दूरस्थ क्षेत्रों के निरीक्षण के तीसरे दिन जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया का दौरा प्रशासन की संवेदनशीलता, तत्परता और जवाबदेही का उदाहरण बनकर सामने आया। प्रशासन गांव की ओर अभियान के तहत थलीसैंण विकासखंड की न्याय पंचायत पित्रसैंण से प्राप्त शिकायतों का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने स्वयं मौके पर पहुंचकर विकास कार्यों और संस्थानों की गहन समीक्षा की।


निरीक्षण की शुरुआत निर्माणाधीन उप जिला अस्पताल थलीसैंण से हुई। जिलाधिकारी ने अस्पताल की भूमि, निर्माण कार्यों की प्रगति और भविष्य में मिलने वाली सेवाओं का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने कार्यदायी संस्था को निर्माण कार्यों में तेजी लाने और गुणवत्ता से कोई समझौता न करने के निर्देश दिए।


इसके पश्चात जिलाधिकारी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने अवकाश पंजिका, प्रयोगशाला कक्ष, एक्स-रे यूनिट, टीबी क्लीनिक और औषधि भंडार की स्थिति की समीक्षा कर स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत जानी। उन्होंने स्टाफ से व्यवस्थाओं के बारे में विस्तृत जानकारी भी ली।


टीबी क्लीनिक के निरीक्षण के दौरान बताया गया कि वर्तमान में 41 टीबी मरीज पंजीकृत हैं। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी मरीजों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और उनके साथ सतत संपर्क बनाए रखा जाए, ताकि उपचार में कोई लापरवाही न हो।

औषधि भंडार की स्थिति पर नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि चिकित्सक बाहर की दवाएं न लिखें और मरीजों को समय पर निःशुल्क दवाएं उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही उन्होंने डायग्नोस्टिक सेवाओं की उपलब्धता और उपयोगिता की भी जानकारी ली।

लेबर रूम के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि अधिकतम प्रसव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ही कराए जाएं। हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी मामलों में गर्भवती महिलाओं के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखते हुए समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

इसके अलावा नेत्र, डेंटल अनुभाग, सफाई व्यवस्था, शौचालय और पेयजल की स्थिति का भी निरीक्षण किया गया। अस्पताल में चल रहे मरम्मत कार्यों को देखकर जिलाधिकारी ने कार्य में ढिलाई पर नाराजगी जताई और तत्काल कार्य में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि अगले दिन से कार्य प्रगति में स्पष्ट सुधार दिखाई देना चाहिए।
जिलाधिकारी के इस निरीक्षण से क्षेत्रीय जनता में प्रशासन के प्रति भरोसा बढ़ा है और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की उम्मीद जगी है।

