
स्थान – विकासनगर
ब्यूरो रिपोर्ट
अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर उत्तराखंड की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। प्रदेश सरकार पर आरोपियों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस मंगलवार को सड़कों पर उतर आई। देहरादून जनपद के सेलाकुई मुख्य बाजार में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कैंडल मार्च निकालकर सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।


यह कैंडल मार्च चकराता विधायक एवं पूर्व नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह तथा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष आर्येन्द्र शर्मा के नेतृत्व में निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान हाथों में मोमबत्तियां लेकर कार्यकर्ताओं ने न्याय की मांग करते हुए सरकार विरोधी नारे लगाए।


कांग्रेस नेताओं का कहना है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में लगातार नए खुलासे सामने आ रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद सरकार तथाकथित वीआईपी को बचाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि निष्पक्ष जांच के बजाय मामले को राजनीतिक दबाव में प्रभावित किया जा रहा है।

कांग्रेस ने मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की जांच देश की सर्वोच्च अदालत या उत्तराखंड हाईकोर्ट के किसी मौजूदा न्यायाधीश की निगरानी में सीबीआई से कराई जाए, ताकि पीड़िता को वास्तविक न्याय मिल सके। नेताओं ने कहा कि यह कैंडल मार्च केवल श्रद्धांजलि कार्यक्रम नहीं है, बल्कि सत्ता के संरक्षण में पनप रहे अपराध के खिलाफ जनआक्रोश और जनप्रतिरोध का प्रतीक है।

कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि जब तक अंकिता भंडारी को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक पार्टी का आंदोलन जारी रहेगा।


