
स्थान – काशीपुर
ब्यूरो रिपोर्ट
नए साल का जश्न अभी पूरी तरह थमा भी नहीं था कि कुदरत ने अपना खौफनाक चेहरा दिखाना शुरू कर दिया। पहाड़ों से आ रही बर्फीली हवाओं ने काशीपुर को मानो एक “कोल्ड चैंबर” में तब्दील कर दिया है। कड़ाके की ठंड और जानलेवा शीतलहर ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। हालांकि, इस भीषण ठंड के बीच नगर निगम काशीपुर की सक्रियता लोगों के लिए राहत की खबर बनकर सामने आई है।


साल 2026 की शुरुआत के साथ ही उत्तर भारत में मौसम का मिजाज बेहद सख्त हो गया है। काशीपुर में दिनभर सूर्यदेव के दर्शन दुर्लभ हो गए हैं और घनी ठंड के चलते सड़कों पर सन्नाटा पसरा नजर आ रहा है। तापमान में लगातार गिरावट से लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं, जबकि सुबह और रात के समय शीतलहर का प्रकोप सबसे अधिक देखने को मिल रहा है।


इस बीच नगर निगम काशीपुर ने ठंड से बचाव के लिए मोर्चा संभाल लिया है। महापौर दीपक बाली के निर्देशों पर शहर के प्रमुख चौक-चौराहों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की समुचित व्यवस्था की गई है, ताकि राहगीरों, मजदूरों और जरूरतमंद लोगों को ठंड से राहत मिल सके। अलाव जलते देख लोग कुछ पल ठहरकर गर्मी सेकते नजर आ रहे हैं।


इतना ही नहीं, नगर निगम द्वारा शहर के रैन बसेरों को भी पूरी तरह सक्रिय किया गया है। रैन बसेरों में गद्दे, कंबल और साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था की गई है। निगम प्रशासन का दावा है कि काशीपुर में कोई भी व्यक्ति खुले आसमान के नीचे सोने को मजबूर नहीं होगा और जरूरतमंदों को सुरक्षित ठहरने की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

कुल मिलाकर, एक ओर जहां शीतलहर का सितम अपने चरम पर है, वहीं नगर निगम काशीपुर की तत्परता और संवेदनशीलता ने लोगों को बड़ी राहत दी है। प्रशासन की इस मुस्तैदी से यह साफ हो गया है कि यदि इरादे मजबूत हों, तो मौसम की बेरुखी भी जनसेवा के रास्ते में बाधा नहीं बन सकती। फिलहाल, काशीपुर की जनता के लिए नगर निगम का यह सुरक्षा कवच किसी वरदान से कम नहीं है।


