
स्थान – हल्द्वानी
ब्यूरो रिपोर्ट
सिखों के दसवें गुरु, श्री गुरु गोविंद सिंह जी की 369वीं जयंती के अवसर पर हल्द्वानी में सिख समाज की ओर से भव्य नगर कीर्तन का आयोजन किया गया। नगर कीर्तन के माध्यम से प्रेम, भाईचारे, एकता और धर्म के प्रति समर्पण का संदेश दिया गया।


नगर कीर्तन की शुरुआत गुरुद्वारे से हुई, जो शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होते हुए निकाला गया। इस दौरान पंच प्यारे नगर कीर्तन का नेतृत्व करते नजर आए। कीर्तन जत्थों द्वारा गुरु वाणी का मधुर गायन किया गया, वहीं पारंपरिक युद्ध कला गतका के प्रदर्शन ने श्रद्धालुओं और आमजन का ध्यान आकर्षित किया।


नगर कीर्तन में सिख समाज के बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। श्रद्धालु गुरु गोविंद सिंह जी द्वारा बताए गए मार्ग—सत्य, साहस, बलिदान और मानवता—पर चलने का संदेश देते दिखाई दिए। नगर कीर्तन के दौरान जगह–जगह संगत और आम लोगों के लिए लंगर की व्यवस्था भी की गई, जिसमें सभी समुदायों के लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।


इस अवसर पर सिख समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि गुरु गोविंद सिंह जी का संपूर्ण जीवन अन्याय के विरुद्ध संघर्ष, धर्म की रक्षा और मानवता की सेवा के लिए समर्पित रहा। नगर कीर्तन उसी विचारधारा और संदेश को जन–जन तक पहुंचाने का माध्यम है।

नगर कीर्तन शांतिपूर्ण और अनुशासित वातावरण में संपन्न हुआ। कानून–व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। जगह–जगह पुलिस बल तैनात रहा और यातायात व्यवस्था भी सुचारु रूप से संचालित की गई।


