

स्थान : हरिद्वार/उत्तराखण्ड
ब्यूरो रिपोर्ट


हरिद्वार के प्रसिद्ध निरंजनी अखाड़े में हाल ही में एक जापानी संत को महामंडलेश्वर की उपाधि दी गई है। अखाड़े में आयोजित पट्टाभिषेक कार्यक्रम में जापानी संत आदित्यानंदपुरी और उनके करीब दो दर्जन अनुयायियों के साथ बड़ी संख्या में साधु-संत मौजूद रहे।




अखाड़े के सचिव महंत रविंद्रपुरी ने बताया कि आदित्यानंदपुरी ने भारत में रहकर योग साधना सीखी है और वे सनातन संस्कृति से गहरे प्रभावित हैं। वे जापान के टोक्यो में आश्रम चलाते हैं और वहां सनातन धर्म का प्रचार करते हैं।


इससे पहले निरंजनी अखाड़े द्वारा जापान के एक और संत, ताका युकी का पट्टाभिषेक कर उन्हें महामंडलेश्वर बनाया गया था। इस प्रकार निरंजनी अखाड़ा अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सनातन संस्कृति के प्रचार में और भी सक्रिय हो रहा है।




आदित्यानंदपुरी का महामंडलेश्वर बनना इस बात का प्रतीक है कि भारतीय सनातन संस्कृति का प्रभाव विश्वभर में फैला है और विदेशी साधु-संत भी इसे अपनाकर अपने देश में उसका प्रचार कर रहे हैं।


