

स्थान – हरिद्वार
संवाददाता – धर्मराज


जुर्स कंट्री में पिछले कई वर्षों से बिल्डर और सोसाइटी में रहने वाले लोगों के बीच चल रहे विवाद पर अब RERA कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। यह निर्णय उन सैकड़ों परिवारों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है जो लंबे समय से बिल्डर की मनमानी और अव्यवस्थाओं के खिलाफ संघर्ष कर रहे थे।



RWA की 5 साल की लड़ाई को सफलता
पिछले 5 वर्षों से जुर्स कंट्री रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) निवासियों के हक की लड़ाई लड़ रहा था।
अवैध पार्किंग शुल्क, पारदर्शिता की कमी, रखरखाव संबंधी समस्याओं और अनियमितताओं को लेकर लगातार शिकायतें दर्ज की जा रही थीं। अब कोर्ट के ताज़ा आदेश ने निवासियों की इस लड़ाई को न्याय दिलाया है।


RERA कोर्ट ने बिल्डर को दिए सख्त निर्देश
कोर्ट के आदेश में बिल्डर पर कई स्पष्ट और कठोर निर्देश दिए गए हैं—


1. 30 दिनों में सभी खरीदारों को पार्किंग आवंटन पत्र अनिवार्य
बिल्डर को 30 दिनों के भीतर हर खरीदार को
✔️ वैध पार्किंग आवंटन पत्र जारी करना होगा।
यह आदेश अवैध पार्किंग वसूली और मनमानी के खिलाफ निवासियों के लिए बड़ी जीत है।

2. राशि वापस न करने पर लगेगा 10.85% ब्याज

यदि बिल्डर 45 दिनों के भीतर अवैध रूप से वसूली गई राशि वापस नहीं करता है, तो—
✔️ बिल्डर को निवासियों को 10.85% वार्षिक ब्याज देना होगा।
यह आदेश बिल्डर पर आर्थिक जवाबदेही तय करेगा।


निवासियों में खुशी, बिल्डर की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं

RERA कोर्ट का फैसला आते ही सोसाइटी में रहने वाले लोगों में राहत और खुशी की लहर है।
हालांकि बिल्डर की ओर से इस निर्णय पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।


कानूनी लड़ाई में बड़ी सफलता
यह फैसला न सिर्फ जुर्स कंट्री के निवासियों के लिए बल्कि प्रदेश में रेरा कानून की मजबूती की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे अन्य सोसाइटी और बिल्डरों पर भी पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने का दबाव बनेगा।


