

स्थान : देहरादून
सचिन कुमार

उत्तराखंड राज्य स्थापना की रजत जयंती पर आयोजित दो दिवसीय विशेष विधानसभा सत्र के दूसरे दिन विपक्षी विधायकों ने राज्य सरकार को कठघरे में खड़ा किया। विपक्ष ने राज्य की मूलभूत समस्याओं जैसे मूलनिवास, स्थायी राजधानी गैरसैंण, महिला सुरक्षा, स्वास्थ्य और शिक्षा पर कड़ी आपत्ति जताई।



नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस विधायक यशपाल आर्य ने सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि राज्य निर्माण के 25 साल बीत जाने के बावजूद उत्तराखंड के सामने अनेक चुनौतियाँ बरकरार हैं। उन्होंने कहा, “राज्य की जनता को अब सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी और घोषणाओं से काम नहीं चलेगा। हमें ठोस योजनाओं और विकास के लिए एक स्पष्ट रोडमैप तैयार करना होगा।”



उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर राज्य के भविष्य के लिए काम किया जाए। यशपाल आर्य ने यह भी कहा कि यह समय आत्ममंथन का है, न कि आत्मप्रशंसा का। “जनता हमसे जवाब चाहती है, और यह समय अपने कार्यों के बारे में ठोस निर्णय लेने का है,” उन्होंने कहा।



विपक्ष ने सरकार से यह भी सवाल उठाया कि राज्य के बुनियादी क्षेत्रों में सुधार के लिए सरकार ने अब तक क्या ठोस कदम उठाए हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विपक्षी विधायकों ने सरकार के ढीले-ढाले दृष्टिकोण की आलोचना की और तत्काल कदम उठाने की मांग की।

इस विशेष सत्र में जहां सरकार ने राज्य के विकास की उपलब्धियों को गिनाने की कोशिश की, वहीं विपक्ष ने सरकार की नीतियों और कामकाजी व्यवस्था पर सवाल उठाए, जिससे सत्र के दौरान राजनीतिक माहौल गर्मा गया।




