

स्थान – चंंपावत
रिपोर्ट – लक्ष्मण बिष्ट

भव्य आयोजन, केक काटा गया, आतिशबाजी से गूंजा मोटर स्टेशन
ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से समृद्ध चंपावत जिला आज अपने 28वें स्थापना दिवस के उल्लास में डूबा रहा। जिला मुख्यालय पर विविध कार्यक्रमों के साथ इस दिन को बड़ी धूमधाम और गर्व के साथ मनाया गया।



इस अवसर पर चंपावत विकास संघर्ष समिति द्वारा मोटर स्टेशन में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत केक काटकर की गई, जिसके बाद आतिशबाजी के ज़रिए जश्न मनाया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और युवा शामिल हुए।


संघर्ष समिति का संदेश
संघर्ष समिति के सदस्यों ने इस ऐतिहासिक दिन को चंपावत वासियों के लिए गर्व और सम्मान का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा:

“15 सितम्बर 1997 को लंबे संघर्ष और सतत प्रयासों के बाद चंपावत को जिला का दर्जा प्राप्त हुआ था। यह केवल प्रशासनिक निर्णय नहीं था, बल्कि यह हमारे सामूहिक प्रयास, पहचान और विकास की आकांक्षा का परिणाम था।”
समिति ने उन संघर्षशील साथियों और जनप्रतिनिधियों को नमन किया, जिनके अथक प्रयासों से यह सपना साकार हुआ।
विकास का संकल्प
स्थापना दिवस के अवसर पर समिति ने जिले के समग्र विकास के लिए एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प लिया। इसमें विशेष रूप से शिक्षा, स्वास्थ्य, रोज़गार, संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भागीदारी का आह्वान किया गया।


चंपावत की विशेषता
आज चंपावत उत्तराखंड राज्य का एक महत्वपूर्ण जिला है, जो अपनी

- ऐतिहासिक धरोहर
- धार्मिक आस्था
- प्राकृतिक सौंदर्य
- और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत
के लिए प्रसिद्ध है।
संघर्ष से समर्पण तक
स्थापना दिवस समारोह के दौरान वक्ताओं ने कहा:
“यह दिन केवल उत्सव नहीं है, बल्कि यह हमारी जड़ों और भविष्य के प्रति उत्तरदायित्व का स्मरण है। हमें मिलकर चंपावत को एक आदर्श और विकसित जिले के रूप में आगे बढ़ाना है।”



