लक्सर: मुख्याली कला गांव का पंचायत घर बदहाल, रखरखाव के अभाव में उपयोगिता हुई समाप्त

लक्सर: मुख्याली कला गांव का पंचायत घर बदहाल, रखरखाव के अभाव में उपयोगिता हुई समाप्त

लोकेशन : लक्सर
रिपोर्टर : रामगोपाल

लक्सर क्षेत्र के मुख्याली कला गांव में स्थित पंचायत घर की दुर्दशा अब एक गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही है। लाखों रुपये की लागत से बनाया गया यह भवन आज जर्जर स्थिति में पहुंच चुका है। खिड़कियां टूटी हुई हैं, दरवाजे लटक रहे हैं और इंटरलॉकिंग टाइल्स उखड़ चुकी हैं। चारों ओर वीरानी का माहौल है, जिससे साफ झलकता है कि पंचायत भवन में लंबे समय से कोई गतिविधि नहीं हुई है।

स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि न तो ग्राम प्रधान और न ही प्रशासनिक अधिकारी इस दिशा में कोई ध्यान दे रहे हैं। पंचायत घर में अब कोई बैठक या जनहित का कार्यक्रम आयोजित नहीं होता, जिससे इसकी मूल उपयोगिता ही समाप्त हो चुकी है।

ग्रामीणों ने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि,

“इतने बड़े भवन का निर्माण सार्वजनिक सुविधाओं के लिए किया गया था, लेकिन अब यह महज एक बेजान ढांचा बनकर रह गया है।”

जिम्मेदारों से की गई अपील:
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पंचायत घर की मरम्मत के लिए तत्काल कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि ग्राम प्रधान को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए और पंचायत भवन के रखरखाव, साफ-सफाई और सुरक्षा की ओर ध्यान देना चाहिए। साथ ही उन्होंने स्वयं भी रखरखाव में सहयोग देने की बात कही।

अन्य गांवों की भी यही स्थिति:
लक्सर के मुख्याली कला गांव की यह स्थिति अकेली नहीं है। क्षेत्र के अन्य कई गांवों में पंचायत घर या तो अवैध कब्जों की चपेट में हैं या नशेड़ियों के अड्डे बन चुके हैं। यह स्थिति ग्राम स्तर पर जनसुविधाओं और प्रशासनिक उपस्थिति की कमजोर पड़ती नींव को दर्शाती है।

निष्कर्ष:
पंचायत घरों की दुर्दशा न केवल सरकारी धन की बर्बादी है, बल्कि यह ग्राम स्तर पर लोकतंत्र की नींव पर भी सवाल खड़े करती है। ऐसे में जरूरी है कि प्रशासन, ग्राम प्रधान और ग्रामीण मिलकर इन भवनों को पुनः सक्रिय, सुरक्षित और उपयोगी बनाएं, ताकि इनका सही इस्तेमाल हो सके।