


लोकेशन,, ज्योतिर्मठ
रिपोर्ट,, संजय कुंवर

ज्योतिर्मठ, 15 अगस्त: आद्य गुरु शंकराचार्य जी की तपोस्थली और सूबे के पहले सरहदी सीमांत नगर ज्योतिर्मठ में स्वतंत्रता दिवस पर्व का भव्य आयोजन शुरू हो गया। नगर पालिका परिषद ज्योतिर्मठ के सौजन्य से आयोजित इस कार्यक्रम में नगर क्षेत्र के विद्यालयों के बच्चों की प्रभात फेरी मुख्य आकर्षण का केंद्र रही।




इस प्रभात फेरी में बच्चों ने देश की एकता, अखंडता, संप्रभुता और सौहार्द का संदेश देते हुए विशेष झांकियों के माध्यम से “राइजिंग इंडिया” और आगामी 2026 में उत्तराखंड में होने वाले सचल महा कुंभ नन्दा देवी राज जात के प्रति जागरूकता भी बढ़ाई। इसके साथ ही विकसित भारत की झलक भी प्रस्तुत की गई।


आज सुबह ब्रह्म मुहूर्त से ही हाथों में तिरंगा पकड़े हुए छात्र-छात्राएं और नन्हे बच्चों ने सज-धज कर नगर की गलियों, कूचों, मोहल्लों और प्रमुख चौराहों से होते हुए नरसिंह मंदिर प्रवेश द्वार से प्रभात फेरी की शुरुआत की। रिमझिम बारिश के बावजूद बच्चों ने उत्साहपूर्वक फेरी में भाग लिया।




फेरी मुख्य बाजार होते हुए टीसीपी चौक तक पहुँची, जहां बच्चों ने देशभक्ति और देश प्रेम के जज़्बे के साथ “हिंदुस्तान जिंदाबाद” और “भारत माता की जय” के उद्घोष से नगर को गूंजित कर दिया।

इस अवसर पर विद्यालयों ने झांकियों के माध्यम से देश में उन्नति और प्रगति को प्रदर्शित किया। झांकियों में “मेक इन इंडिया”, “ओलंपिक 2036 की मेजबानी”, अंतरिक्ष विज्ञान में भारत की उपलब्धियां, विकसित भारत, उत्तराखंड के महा कुंभ सचल नन्दा राज जात 2026, और गढ़वाली लोक परंपराओं को दर्शाया गया।


इसके साथ ही लोक नृत्य, अमर वीर जवानों, वीरांगनाओं और देश की विभूतियों की वेशभूषा में सजे स्कूली बच्चों की झलक भी देखने को मिली। बच्चों की इस प्रस्तुति ने उपस्थित जनमानस को रोमांचित कर दिया और स्वतंत्रता दिवस की महत्ता को और उभारते हुए राष्ट्रीय गौरव और Patriotism का संदेश दिया।



नगर पालिका परिषद के अधिकारी एवं स्थानीय प्रशासन ने इस प्रभात फेरी का सफल आयोजन सुनिश्चित किया। आयोजकों ने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां बच्चों में देशभक्ति का भाव जागृत करने के साथ-साथ सांस्कृतिक चेतना और सामूहिक अनुशासन विकसित करती हैं।



