

टॉप पौड़ी
रिपोर्ट। जय ममगाई

पौड़ी-बुआखाल-रामनगर राष्ट्रीय राजमार्ग-121 पर स्थित कलगड़ी पुल बीते बुधवार सुबह भारी बारिश और भूस्खलन के चलते ढह गया, जिससे विकासखंड पाबौ के कई गांव मुख्यालय पौड़ी से कट गए हैं। इस पुल के टूटने से यातायात पूरी तरह ठप हो गया है और ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।



इसी दौरान कुई गांव के रहने वाले 52 वर्षीय चमन सिंह की तबीयत बिगड़ गई। पहले से ही पैर फ्रैक्चर झेल रहे चमन सिंह की हालत गंभीर होने लगी, लेकिन सड़क मार्ग बंद होने के चलते कोई वाहन उपलब्ध नहीं हो सका। ऐसे में गांव के प्रेम सिंह रावत, राधे पोखरियाल और अन्य युवाओं ने जान हथेली पर रखकर चमन सिंह को अस्पताल पहुंचाने की ठानी।

उफनती नयार नदी पर टूटा पुल बना चुनौती
युवाओं ने उफनती नयार नदी के ऊपर टूट चुके कलगड़ी पुल के अवशेषों पर से किसी तरह बीमार को स्ट्रेचर में रखकर नदी के दूसरे किनारे तक पहुंचाया। इसके बाद कई किलोमीटर खतरनाक पहाड़ी रास्तों को पार करते हुए उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाबौ तक पैदल ले गए।



हायर सेंटर रेफर, अब स्वास्थ्य में सुधार
पाबौ में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने चमन सिंह को हायर सेंटर रेफर कर दिया। इसके बाद युवाओं ने उन्हें बेस अस्पताल श्रीनगर पहुंचाया। चिकित्सकों के अनुसार अब उनकी हालत स्थिर और बेहतर है।

आपसी भाईचारे और मानवता की मिसाल
आपदा के इस कठिन समय में युवाओं की इस एकजुटता, साहस और भाईचारे ने क्षेत्र में मानवता की मिसाल पेश की है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की ओर से जब तक राहत नहीं पहुंचती, स्थानीय लोग ही एक-दूसरे का सहारा बनकर काम कर रहे हैं।

सड़क संपर्क टूटने से ग्रामीण परेशान
कलगड़ी पुल के टूटने से कई गांवों का मुख्य सड़क मार्ग से संपर्क टूट गया है। बीमार, बुजुर्ग और जरूरतमंद लोग सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की है।


प्रशासन की ओर से राहत की प्रतीक्षा
हालांकि प्रशासन ने पुल के पुनर्निर्माण और वैकल्पिक मार्ग तैयार करने का आश्वासन दिया है, मगर स्थायी समाधान की दिशा में अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। ग्रामीणों की मांग है कि आपातकालीन स्थिति में हेली सेवाएं भी सक्रिय की जाएं ताकि भविष्य में जानमाल का नुकसान न हो।



