

रिपोर्ट, संजय कुंवर,

कैलाशपुर ज्योर्तिमठ

चमोली जनपद के सीमांत क्षेत्र ज्योतिर्मठ की धोलीगंगा घाटी में बसे खूबसूरत वाइब्रेंट विलेज कैलाशपुर के लिए आज का दिन ऐतिहासिक रहा। स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर गांव की श्रीमती मंजू देवी को देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली आमंत्रित किया गया है। यह पहला मौका है जब सीमांत क्षेत्र से किसी महिला को ऐसा राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुआ है।



गांव में हुआ भव्य विदाई समारोह
मंजू देवी के दिल्ली रवाना होने से पहले कैलाशपुर गांव में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। ग्रामीणों ने ढोल-दमाऊ की थाप पर पारंपरिक मांगलिक गीतों और पौना नृत्य के साथ उनका भव्य स्वागत-सत्कार किया। ग्रामीण महिलाओं ने फूल-मालाओं से उन्हें सम्मानित किया और पूरे गांव ने उन्हें गर्व और स्नेह के साथ राष्ट्रपति भवन के लिए विदा किया।



सीमांत क्षेत्र की “वूमेन्स आइडल” बनीं मंजू देवी
मंजू देवी को यह आमंत्रण सीमांत क्षेत्र में सामाजिक जागरूकता, महिला सशक्तिकरण और स्थानीय संस्कृति के संरक्षण में उनके निरंतर प्रयासों के लिए मिला है। वह कैलाशपुर सहित आसपास के गांवों में महिलाओं के नेतृत्व व प्रेरणा स्रोत के रूप में जानी जाती हैं।


गांववासियों में खुशी और गर्व
इस उपलब्धि से न केवल मंजू देवी का, बल्कि पूरे कैलाशपुर गांव का नाम राष्ट्रीय पटल पर उजागर हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि यह सम्मान सिर्फ मंजू देवी का नहीं, बल्कि पूरे सीमांत क्षेत्र की महिलाओं की आवाज़ है।


प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने दी शुभकामनाएं
स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने भी इस उपलब्धि पर मंजू देवी को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उनका मानना है कि यह प्रेरणादायक क्षण क्षेत्र की अन्य महिलाओं को भी सशक्त और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करेगा।


स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रपति भवन में होंगी शामिल
अब मंजू देवी 15 अगस्त को राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होंगी, जहां देशभर से चुने गए प्रेरणादायक नागरिकों के साथ उन्हें सम्मानित किया जाएगा।
यह सम्मान कैलाशपुर जैसे दूरस्थ गांवों के लिए एक नई उम्मीद और पहचान बनकर उभरा है।



