उत्तराखंड समेत हिमालयी क्षेत्र में बड़ा भूकंप आने की आशंका, वैज्ञानिकों ने जताई चिंता

उत्तराखंड समेत हिमालयी क्षेत्र में बड़ा भूकंप आने की आशंका, वैज्ञानिकों ने जताई चिंता

देहरादून

रिपोर्ट-सचिन कुमार

हिमालयी क्षेत्र, विशेष रूप से उत्तराखंड, में भविष्य में बड़े भूकंप की संभावना को लेकर देश के प्रमुख भूवैज्ञानिकों ने गंभीर चिंता जताई है। वैज्ञानिकों के अनुसार, प्लेटों के बीच निरंतर हो रहे घर्षण की वजह से हिमालयी क्षेत्र में भूकंपीय ऊर्जा का संचयन हो रहा है, जो किसी बड़े भूंकप की आहट हो सकती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि हाल ही में उत्तराखंड और आसपास के क्षेत्रों में महसूस किए गए हल्के भूकंपीय झटके इसी ऊर्जा संचयन का संकेत हो सकते हैं। हालांकि यह तय कर पाना मुश्किल है कि भूकंप कब और कितना तीव्र होगा, लेकिन इसके भौगोलिक क्षेत्र की पहचान कुछ हद तक संभव है।

क्या कहता है वैज्ञानिक दृष्टिकोण?
वाडिया इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिक डॉ. नरेश कुमार ने बताया:

“हिमालय क्षेत्र भूकंप की दृष्टि से सक्रिय है, और यहां बड़ा भूकंप आना स्वाभाविक प्रक्रिया का हिस्सा हो सकता है। लेकिन इसका समय और तीव्रता पूर्वानुमान के दायरे से बाहर है।”

GPS स्टेशनों से होगी निगरानी:
उत्तराखंड में दो GPS निगरानी स्टेशन लगाए गए हैं, जिनसे यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि किस क्षेत्र में सबसे अधिक तनाव (Energy) एकत्र हो रहा है। वैज्ञानिकों का मानना है कि सटीक पूर्वानुमान के लिए GPS स्टेशनों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए।


भूकंप से पहले की तैयारी और सावधानियां

विशेषज्ञों का कहना है कि चूंकि भूकंप की भविष्यवाणी सटीक रूप से नहीं की जा सकती, इसलिए जरूरी है कि लोग भूकंप से निपटने की तैयारियां पहले से करें:

  • घर या भवन में आपातकालीन निकासी योजना बनाएं।
  • भारी सामान को दीवारों से अच्छे से जोड़ें।
  • इमरजेंसी किट तैयार रखें जिसमें टॉर्च, दवाएं, पानी और जरूरी दस्तावेज हों।
  • भूकंप के समय खुले स्थान या मजबूत टेबल के नीचे शरण लें।