

स्थान/ गोपेश्वर चमोली

बांजबगड़ नंदा नगर निवासी 22 वर्षीय मनोज की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे क्षेत्र को शोक और आक्रोश से भर दिया है। मनोज, जो जोशीमठ से हेमकुंड घांघरिया यात्रा मार्ग पर देवेंद्र चौहान के घोड़े-खच्चर चलाने का कार्य करता था, बीते 29 जून 2025 की रात से लापता था।



सूत्रों के अनुसार, 29 जून को पेमेंट को लेकर मनोज और मालिक देवेंद्र चौहान के बीच कहासुनी और हाथापाई हुई थी। मामला थाना गोविंदघाट में पहुंचा, जहां समझौता होने के बाद दोनों व्यक्ति वापस चले गए। इसके बाद मनोज रात से ही गायब हो गया था।



लगातार 14 दिन तक चमोली पुलिस द्वारा खोजबीन की जाती रही, लेकिन 14 जुलाई को मनोज का शव एक पेड़ पर लटका हुआ मिला। शव मिलने की खबर फैलते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों और परिजनों ने हत्या की आशंका जाहिर करते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है।


स्थानीय लोगों का कहना है:
“जब तक मनोज के हत्यारे को फांसी नहीं दी जाती, तब तक उसकी आत्मा को शांति नहीं मिलेगी।”


इसी के विरोध में सोमवार को गोपेश्वर मुख्यालय में भारी जनसमूह के साथ धरना-प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारी जिला अस्पताल से जिलाधिकारी कार्यालय तक नारेबाजी करते हुए कूच कर गए और आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार कर फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से कठोरतम सजा दिलाने की मांग की।

प्रशासन द्वारा मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी गई है, वहीं पुलिस ने भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आपराधिक दृष्टिकोण से जांच शुरू कर दी है।



