


स्थान – जसपुर
रिपोर्टर – प्रदीप श्रीवास्तव


उत्तराखंड को नशा मुक्त प्रदेश बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री द्वारा चलाए जा रहे सख्त अभियान के अंतर्गत जनपद उधम सिंह नगर के जसपुर क्षेत्र के पतरामपुर ग्रामीण इलाके में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया।


क्षेत्र में लंबे समय से प्रतिबंधित नशीली दवाओं की बिक्री की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए आज सीनियर ड्रग इंस्पेक्टर नीरज कुमार के निर्देशन में एक संयुक्त टीम ने औचक निरीक्षण के तहत दो मेडिकल स्टोरों पर छापा मारा।


टीम में शामिल रहे जसपुर सीएचसी अधीक्षक डॉ. धीरेंद्र गहलोत, जसपुर कोतवाल जगदीश ढकरियाल और तहसील प्रशासन के अधिकारियों ने जब पतरामपुर स्थित “यश मेडिकल स्टोर” की जांच की, तो वहां भारी अनियमितताएं पाई गईं।


जांच में सामने आया कि मेडिकल स्टोर को रिटेल के साथ-साथ अवैध रूप से थोक बिक्री केंद्र के रूप में भी चलाया जा रहा था। थोक स्टॉक में बड़ी संख्या में एक्सपायरी दवाएं और प्रतिबंधित नशीली दवाएं पाई गईं।

इस गंभीर उल्लंघन के चलते मेडिकल स्टोर को तत्काल सील कर दिया गया और स्टोर स्वामी को पुलिस हिरासत में लेकर जेल भेजने की प्रक्रिया पूरी की गई।


वहीं, दूसरे मेडिकल स्टोर की जांच के दौरान ग्रामीणों ने स्टोर संचालक के पक्ष में प्रदर्शन किया और अधिकारियों से मेडिकल स्टोर को न खुलवाने की गुहार भी लगाई, लेकिन संयुक्त टीम ने किसी भी प्रकार की ढिलाई बरतने से इनकार कर दिया।


ड्रग इंस्पेक्टर ने क्या कहा?
सीनियर ड्रग इंस्पेक्टर नीरज कुमार ने मीडिया से बातचीत में कहा:

“क्षेत्र में नशीली और प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री को लेकर लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं। आज दो मेडिकल स्टोरों पर कार्रवाई करते हुए संबंधित संचालकों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की गई है। यह अभियान भविष्य में भी इसी तरह सख्ती से जारी रहेगा।”


मुख्य बिंदु:
- पतरामपुर में दो मेडिकल स्टोरों पर छापा
- एक स्टोर से प्रतिबंधित और एक्सपायरी दवाएं बरामद
- मेडिकल स्टोर सील, संचालक को जेल भेजा गया
- ग्रामीणों ने दूसरे स्टोर के लिए प्रदर्शन किया
- प्रशासन ने चेताया: नशे के कारोबार को किसी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा


