मुख्यमंत्री के जिले चंपावत में बिगड़ी स्वास्थ्य व्यवस्था, अल्ट्रासाउंड से मना करने पर मरीज भड़के

मुख्यमंत्री के जिले चंपावत में बिगड़ी स्वास्थ्य व्यवस्था, अल्ट्रासाउंड से मना करने पर मरीज भड़के

स्थान:चंपावत
रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के गृह जिले चंपावत में स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत एक बार फिर कटघरे में है। शनिवार को लोहाघाट निवासी अनिल अपनी पत्नी को अल्ट्रासाउंड कराने जिला अस्पताल चंपावत पहुंचे, जहां रेडियोलॉजिस्ट डॉक्टर प्रदीप बिष्ट ने उन्हें अल्ट्रासाउंड करने से साफ मना कर दिया

मरीज के परिजन अनिल के मुताबिक उन्होंने डॉक्टर से कई बार अनुरोध किया, मगर डॉक्टर ने यह कहते हुए मना कर दिया कि “लोहाघाट और बाराकोट के मरीजों का अल्ट्रासाउंड हम यहां नहीं करेंगे।” इस पूरी बहस का वीडियो भी वायरल हो गया है, जिसमें डॉक्टर यह तर्क देते नजर आ रहे हैं कि वह पहले से ओवरलोड हैं और लोहाघाट में ही सेवा उपलब्ध है, तो वहीं अल्ट्रासाउंड करवाएं।

मामला जब सीएमओ डॉ. देवेश चौहान के संज्ञान में आया, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि “जिले का कोई भी मरीज जिले के किसी भी अस्पताल में जांच और इलाज करवा सकता है।” उन्होंने यह भी कहा कि मामले की जांच की जाएगी।

अल्ट्रासाउंड से इनकार के बाद अनिल को मजबूरी में ₹2000 खर्च कर प्राइवेट सेंटर से जांच करानी पड़ी, जिस पर उन्होंने सवाल उठाया कि “गरीब आदमी इतना खर्च कैसे करेगा?” उन्होंने पूरे मामले को बेहद गंभीर बताया और कहा कि मुख्यमंत्री के जिले में इस तरह का व्यवहार दुर्भाग्यपूर्ण है।

लोगों में नाराजगी, लोहाघाट में सेवा नियमित करने की मांग

स्थानीय लोगों का आरोप है कि लोहाघाट उप जिला चिकित्सालय में नियुक्त रेडियोलॉजिस्ट पूरे महीने की सैलरी लेने के बावजूद केवल 15 दिन ही सेवा दे रहे हैं, और विभाग मौन बना हुआ है।

सूत्रों के अनुसार, रेडियोलॉजिस्ट ने इस्तीफा देने की धमकी देकर अधिकारियों पर दबाव बनाया है, जिससे अस्पताल में सेवाएं नियमित नहीं हो पा रही हैं। जनता ने मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से हस्तक्षेप कर लोहाघाट में पूरे सप्ताह अल्ट्रासाउंड सेवा बहाल करने की मांग की है।