


सुलभ शिक्षा अभियान संगठन के बैनर तले अभिभावकों ने निजी विद्यालयों की मनमानी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए तहसील परिसर स्थित एसडीएम कार्यालय में मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। अभिभावकों का कहना है कि 1 अप्रैल से नया शैक्षिक सत्र शुरू हो गया है, और इसी के साथ निजी विद्यालयों की मनमानी भी बढ़ गई है।


सरकार ने स्पष्ट आदेश दिए थे कि सभी विद्यालय एनसीईआरटी पाठ्यक्रम लागू करेंगे और अभिभावकों पर यह दबाव नहीं बनाया जाएगा कि वे विद्यालय से या किसी चिन्हित दुकान से किताबें, स्टेशनरी और अन्य शैक्षिक सामग्री खरीदें।


इसके बावजूद निजी विद्यालयों ने स्कूल की फीस में वृद्धि की है और पाठ्यक्रम में बदलाव करके एनसीईआरटी की जगह निजी प्रकाशक की किताबें लागू कर दी हैं। इसके साथ ही कुछ विद्यालयों ने अभिभावकों पर दबाव बनाकर या तो विद्यालय से ही किताबें और शैक्षिक सामग्री खरीदने को कहा है, या फिर निजी दुकानों से खरीदने के लिए मजबूर किया है। इस कारण कई अभिभावक आर्थिक रूप से परेशान हो गए हैं और कुछ तो कर्ज में डूब चुके हैं।


अभिभावकों ने चेतावनी दी है कि यदि स्कूलों की मनमानी बंद नहीं की गई तो वे इसके खिलाफ बड़ा आंदोलन करेंगे।



