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रिपोटर -सुनील गुप्ता

स्थान -किच्छा

सूचना के आधार पर कार्यवाही करते हुए एसटीएफ एवं किच्छा पुलिस की टीम ने आपराधिक वारदात की योजना को विफल कर दिया। किच्छा पुलिस एवं एसटीएफ की टीम ने संयुक्त रूप से बड़ी कार्रवाई करते हुए युवक की हत्या की वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे 4 बदमाशों को भारी मात्रा में अवैध हथियारों के साथ दबोच लिया। जबकि तीन आरोपी पुलिस टीम को चकमा देकर मौके से फरार होने में कामयाब हो गए। पुलिस द्वारा की गई कार्यवाही को जिले भर में बहुत बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। फिलहाल पुलिस ने आरोपियों के पास से तीन अवैध तमंचे, एक पिस्टल सहित कई जिंदा कारतूस बरामद कर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए कार्यवाही शुरू कर दी है। पुलिस क्षेत्राधिकारी ओम प्रकाश शर्मा ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि किच्छा बाईपास स्थित काली मंदिर के निकट बदमाशों द्वारा किराए के मकान में बड़ी वारदात को अंजाम दिए जाने की योजना बनाई जा रही है। सूचना के बाद कुमाऊं एसटीएफ प्रभारी एमपी सिंह एवं किच्छा कोतवाली निरीक्षक धीरेंद्र कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मकान की घेराबंदी करते हुए कार्यवाही की। पुलिस टीम ने मकान की घेराबंदी कर बिज्टी चौराहा, वार्ड नंबर 10, सितारगंज निवासी राहुल श्रीवास्तव, आवास विकास, किच्छा निवासी विपिन सिंह ठाकुर, वार्ड नंबर 14, बोरिंग गली किच्छा निवासी कासिफ मलिक तथा पोस्ट ऑफिस के निकट, वार्ड नंबर 17, हाथीखाना मोहल्ला किच्छा निवासी तौसीफ अंसारी को दबोच लिया


पुलिस ने आरोपी विपिन सिंह के पास से 32 एमएम का एक पिस्टल तथा दो जिंदा कारतूस, राहुल श्रीवास्तव से 12 बोर का एक अवैध तमंचा व एक जिंदा कारतूस, कासिफ मलिक से 315 बोर का एक तमंचा व पांच जिंदा कारतूस, तौसीफ अंसारी से 315 बोर का एक तमंचा व 9 कारतूस बरामद कर कब्जे में ले लिए। मौके से फरार हुए आरोपियों की पहचान जगदीश उर्फ जग्गू, रवि तथा गगनदीप सिंह के रूप में हुई है। सीओ ओम प्रकाश शर्मा ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि गगनदीप सिंह और सिमरन दीप सिंह के बीच व्यापार तथा वर्चस्व की लड़ाई को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। आरोप है कि इसी विवाद के चलते कुछ दिन पूर्व सिमरनदीप ने सुलेमान के साथ मिलकर गगनदीप की गाड़ी का पीछा करते हुए उस पर फायर कर दिया था और घटना में गगनदीप बाल-बाल बच गया था। घटना के बाद से गगनदीप गुस्से में था और इसी के चलते उसने पूरी योजना तैयार करते हुए सिमरन दीप को ठिकाने लगाने का प्लान बना लिया। उन्होंने बताया कि आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि गगनदीप का कहना था कि यदि उसके द्वारा सिमरन दीप सिंह की हत्या नहीं की गई, तो उसके द्वारा गगनदीप की हत्या कर दी जाएगी तथा सिमरनजीत की हत्या की एवज में गगनदीप ने पकड़े गए आरोपियों को एक लाख रुपए नगद तथा व्यापार में हिस्सेदार बनाने का लालच दिया था। सीओ शर्मा ने बताया कि रुपयों के लालच में आरोपीगण सिमरनदीप की हत्या को तैयार हो गए, लेकिन पुलिस की सतर्कता के चलते बदमाशों की पूरी योजना फेल हो गई। उन्होंने बताया कि आरोपियों के अनुसार उन्हें जानकारी मिली थी कि सिमरनदीप शाम 4:00 बजे आशीर्वाद होटल में आने वाला है जिसके बाद आरोपियों ने सिमरनदीप को होटल के सामने ही मारने का प्लान बनाया था। उन्होंने बताया कि फिलहाल आरोपियों से पूछताछ के बाद सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही शुरू कर दी गई है

और मौके से फरार हुए आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस टीम में एसटीएफ प्रभारी एमपी सिंह, कोतवाली निरीक्षक धीरेंद्र कुमार के साथ एसएसआई गोविंद सिंह मेहता, एसआई विपिन जोशी, एसआई केजी मठपाल के अलावा कांस्टेबल देवराज सिंह, अमरजीत सिंह, गुरवंत सिंह, मनोज कुमार, वीरेंद्र चौहान, राजेंद्र सिंह, नवीन कुमार आदि शामिल रहे।


