उत्तराखंड में जल, जंगल व जमीन यहां की पहचान है। लेकिन भू माफियाओं की नजर अब पहाड़ की जमीनों पर है।

उत्तराखंड में जल, जंगल व जमीन यहां की पहचान है। लेकिन भू माफियाओं की नजर अब पहाड़ की जमीनों पर है।

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रिपोटर -ब्यूरो रिपोट

स्थान -अल्मोड़ा

उत्तराखंड में जल, जंगल व जमीन यहां की पहचान है। लेकिन भू माफियाओं की नजर अब पहाड़ की जमीनों पर है। अल्मोड़ा जिले के फलसीमा में बाहरी राज्यो के कुछ लोगो द्वारा 100 नाली से अधिक जमीन की खरीद फरोख्त करने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के कुछ लोगो को शराब व पैसे का लालच देकर भूमाफियाओं ने औने पौने दामो में उनके गोल खातों की जमीन खरीद ली।

जिसमे कई ग्रामीणों से सहमति तक नही ली गयी है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि भूमाफियाओं ने फर्जी रजिस्ट्री भी की है। अपनी पुश्तैनी जमीन को भूमाफियाओं से बचाने के लिए ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया है। इसके लिए भूमि बचाओ संघर्ष समिति का गठन किया गया है।इधर, ग्रामीणों की शिकायत के बाद डीएम ने मामले का संज्ञान लेते हुवे जांच के निर्देश दे दिए है।उपपा के केंद्रीय अध्यक्ष पी.सी तिवारी ने कहा कि फलसीमा में यह बड़ा भूमि घोटाला है आज बाहरी राज्यो के पूंजीपति व भू माफिया पहाड़ में जमीनों की खरीद फरोख्त कर रहे है। जिसमे सत्तारूढ़ दल का भी एक नेता जमीन की दलाली में संलिप्त है। तिवारी ने आरोप लगाया है

कि आज सरकार व प्रशासन के साथ भू माफियाओं की मिलीभगत के चलते जमीनों की बड़ी पैमाने पर खरीद फरोख्त की जा रही है। फलसीमा के लोगो ने अपनी पुश्तेनी जमीन बचाने के लिए आवाज उठाई है जो उत्तराखंड को एक नई दिशा देने का काम करेगा।