गाजणा क्षेत्र में वे मोसम ओलावृष्टि से कई गांवों की फसलें तबाह,

गाजणा क्षेत्र में वे मोसम ओलावृष्टि से कई गांवों की फसलें तबाह,

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रिपोटर -दीपक नौटियाल

स्थान -उत्तरकाशी

बड़ी खबर जनपद उत्तरकाशी के गाजणा क्षेत्र में अचानक बे-मौसमी ओलावृष्टि एवं बर्फबारी हुई है देर शाम अचानक बदले मौसम ने घाटी में करीब आधे घण्टे से ज्यादा समय तक ओलावृष्टि की है।इससे पूरी घाटी ओलों से पट गई है। ओलें पड़ने से पूरी घाटी में बर्फ की सफेद चादर बिछ गई है। बे-मौसम ओले और बर्फबारी ने खड़ी फसल को तबाह कर दिया है।जानकारी के अनुसार उत्तरकाशी की गाजणा पट्टी के कमद, कुमारकोट, ठाण्डी, ब्रह्मपुरी, भड़कोट आदि गांव साथ ही टिहरी जिले की सीमा बूड़ाकेदार से लगे गांवों में देर शाम अचानक मौसम बदला और जमकर ओलों के रूप में बर्फबारी हुई है।

देखते ही देखते पूरी घाटी बर्फबारी से सफेद चादर से ढक गई है। ओलों की बरसात ने गेहूं, आलू, धनिया। मिर्च, आदि फसलों को बर्बाद कर दिया है। जबकि फलदार और फूलों से लकदक पेड़ों को भी भारी नुकसान हुआ है। क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता एवं पूर्व सैनिक द्वारिका प्रसाद भट्ट ने बताया कि ओले पूरी बर्फबारी जैसे बरसे हैं। इससे पूरी घाटी में ठंड और ठिठुरन बढ़ गई है। उन्होंने बताया कि ओलों ने पूरी घाटी में फसलें बर्बाद कर दी है। उत्तरकाशी के जिलाधिकारी अभिषेक रोहेला ने कहा कि ओलों से कितना नुकसान हुआ है, आंकलन किया जा रहा है।

साथ ही राज्यभर और देशभर में जहां इस बार फरवरी और मार्च में अप्रैल और मई जैसा मौसम बना हुआ है। इससे लोग समय से पहले गर्मी बढ़ गई है। लोग मौसम में आये बदलाव से कई तरह की बीमारियों से ग्रस्त हैं। ऐसे में बे-मौसम ओले और बर्फबारी ने लोगों को परेशानी में डाल दिया है।