42 साल बाद ऐतिहासिक ज्वालपा मेले का आयोजन

42 साल बाद ऐतिहासिक ज्वालपा मेले का आयोजन

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रिपोटर -दीपक नौटियाल

स्थान -उत्तरकाशी

जहां गाजणा पट्टी के ग्राम सभा सीरी ढूंग गांव मे 42 साल बाद मां मां ज्वालपा देवी के मेले का आयोजन किया गया कहा जाता है कि पहले इस स्थान पर पशु वली की प्रथा थी पर स्थानीय लोगों ओर देवताओं ने पशु वली की जगह उडद दाल के पकोडे जिसको कि स्थानीय भाषा मे ताई कहा जाता है

सुरूवात की जिसकी खाश बात यह है कि जिस व्यक्ति पर देवी अवतरित होती है वहा खोलते तेल से हाथों से पकोडे निकालता है ओर खोलते तेल को स्थानीय जनता पर फेंका जाता है पर देवी के आशीर्वाद से किसी को कोई भी नुकसान नही होता है आज इस मेले के अवसर पर सैकडों लोग मौजूद रहे देवी के बारे मे कहा जाता है

कि यह देवी हिमाचल प्रदेश से यहां आयी थी ओर लोगों की मनोकामनाऐं करने लगी ओर तभी से यहां के लोग इसे आराध्य देवी के रूप मे पूजते है