सीएम धामी की घोषणा के बाद पंचेश्वर में एंग्लिंग कैंप का निर्माण कार्य शुरू

सीएम धामी की घोषणा के बाद पंचेश्वर में एंग्लिंग कैंप का निर्माण कार्य शुरू

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रिपोटर -लोहाघाट

स्थान -चंपावत

नेपाल सीमा से लगे पंचेश्वर में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सीएम धामी द्वारा घोषणा में शामिल और विगत 1 माह पूर्व शिलान्यास हुए पंचेश्वर एंग्लिंग कैंप” का कार्य पर्यटन विभाग द्वारा शुरू करवाने से क्षेत्र में खुशी की लहर है , क्षेत्रवासियों सहित एंग्लिंग कार्य में स्वरोजगार कर रहे नवयुवकों को काफी उम्मीदें जागी हैं । जिसके लिए युवाओं ने सीएम पुष्कर सिंह धामी को धन्यवाद दिया पंचेश्वर में एंग्लिंग व्यवसाय करने वाले पूर्व कांग्रेस जिला अध्यक्ष ओंकार धोनी ने बताया कि भारत और नेपाल की सीमा पर पंचेश्वर में महाकाली व सरयू नदी के संगम पर गोल्डन महाशीर मछली कैच एंड रिलीज के लिए विश्व में प्रसिद्ध है यहां सबसे ज्यादा वजन की गोल्डन महाशिर पाई जाती है।

पंचेश्वर में जनपद पिथौरागढ़ और नेपाल की सीमा में बहने वाली महाकाली नदी, और बागेश्वर से आई सरयू नदी का संगम होता है, यह स्थान गोल्डन महाशीर का मुख्य केंद्र बिंदु है, ‌सन् 1970 के दौरान लोहाघाट- पंचेश्वर मोटर मार्ग के निर्माणाधीन के समय से ही सालाना 2 –4 देसी विदेशी पर्यटकों का आना शुरू हो चुका था वर्ष 1985 के बाद सड़क मार्ग के पहुंचने के बाद से ही 15 से 20 पर्यटक निरंतर आ रहे हैं , पूर्व में वन विभाग के माध्यम से फिशिंग परमिट दिए जाते थे जिसने भी कई औपचारिकताएं पूर्ण करनी होती थी. वर्ष 1990 के बाद महाशिर मछली पर संरक्षण गतिविधियों में लगे देहरादून निवासी विनय बडोला ने स्थानीय युवकों को जागरूक किया और पंचेश्वर से घाट तक नव युवकों को संगठित किया और माहाशीर बचाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई , इनके बाद वर्ष 2000 में जिम कॉर्बेट रामनगर से श्री मिस्टी ढिल्लन ने सरयू किनारे अपना कैंप स्थापित कर एगलिंग को व्यवसायिक गतिविधि प्रारंभ की धीरे-धीरे स्थानीय स्तर में भी लोगों का जागरूक होने के कारण विगत 5 सालों से यह कार्य युकोर्ट के माध्यम से पंचेश्वर में ही परमिट देने की व्यवस्था की गई तब से एंग्लिंग पर्यटकों के आवागमन में काफी बढ़ोतरी हुई है विगत वर्ष लगभग 200 देसी विदेशी एंगलर आए थे महाशिर गेम फिस है.. इसके कांटे में फसने के बाद जो संघर्ष मिलता है वहीं इस खेल का मज़ा है साथ यह सुनहरे गलती बहुत खूबसूरत मछली है वर्तमान में स्थानी लोगों ने भी अपने एंग्लिंग कैंप, गेस्ट हाउस के माध्यम से भी पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं ,स्थानीय नव युवकों को भी इसके निर्माण से पर्यटन गतिविधि के और बेहतर होने की उम्मीद जागी है

, स्थानीय लोगों ने मांग की है की निर्माणाधीन पंचेश्वर एंगलिंग कैंप में स्थानीय युवकों को किचन कार्य,हाउसकीपिंग व गाइडिंग कार्य आदि में रोजगार दिया जाए ।। इसके निर्माण होने से देश विदेशों में पंचेश्वर में बेहतर पर्यटक सुविधा एवं व्यवस्थाएं मिलने का संदेश जाऐगा मालूम हो पंचेश्वर में भारत और नेपाल की संयुक्त जल विद्युत परियोजना तथा एशिया का सबसे बड़ा डैम प्रस्तावित है फिलहाल 4 वर्षों से डैम का कार्य बंद पड़ा हुआ है। खुशी जताने में ओंकार सिंह धौनी, होशियार सिंह,तेज सिंह सामंत, श्याम गुरंग, राजेन्द्र गडकोटी,खिमानंद सुतेडी, गणेश सिंह, संजू बाबा, शयाम पंत, रमेश पंत,शंकर सिंह , आदि मौजूद रहे