आपदा से बचाव हेतु पूर्व तैयारियों के संबंध में दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का हुआ समापन, पढ़िए पूरी रिपोर्ट

आपदा से बचाव हेतु पूर्व तैयारियों के संबंध में दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का हुआ समापन, पढ़िए पूरी रिपोर्ट

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रिपोर्टर- लक्ष्मण बिष्ट

स्थान- चंपावत

उत्तराखंड प्रशासन अकादमी नैनीताल की ओर से आई मंजू पांडे असिस्टेंट प्रोफेसर, डिजास्टर मैनेजमेंट सेल एवं पुलिस, वन विभाग द्वारा प्रतिभागी पटवारी, ग्राम विकास अधिकारी, पीआरडी, होमगार्डों को आपदा संबंधित पूर्व तैयारियों का प्रशिक्षण प्रेजेंटेशन एवं मॉक ड्रिल के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। दो दिवसीय प्रशिक्षण का समापन हो गया है। समापन समारोह में मंजू पांडे ने कहा कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य कार्मिकों व जन समुदाय की क्षमता विकास करना है। कहा कि किसी भी आपदा में जान माल के होने वाले नुकसान को पूर्व तैयारियों के साथ न्यून किया जा सकता है और इसके लिए सभी विभाग, जन समुदाय आपस में समन्वय बनाकर कार्य करना पड़ेगा।

क्योंकि किसी भी आपदा चाहे भूकंप हो, आगजनी, वनाग्नि आदि हो तो अधिकतर सबसे पहले आपदा घटित क्षेत्र के लोग मौके पर पहुंचते है। इसलिए सभी प्रशिक्षण लेने वाले प्रतिभागी अपने क्षेत्र में आमजन को जागरूक करें और एक दूसरे के संपर्क कर, आपसी समन्वय बनाकर कार्य करें। जिससे हम आपदा के समय में होने वाले नुकसान को कम कर सकते है। उन्होंने कहा की हमारे पास पूर्व में हुई आपदा की जानकारियां, भौगोलिक स्थिति, उस दौरान की कमियां आदि की जानकारी होनी चाहिए। जिससे हम पहले से ही आपदा से निपटने के लिए प्लान कर सकें। उन्होंने प्रेजेंटेशन के माध्यम से दिखाया कि आचनक आई आपदा के वक्त किस तरह का माहौल बन जाता है और उससे निपटने के लिए किस प्रकार से तैयार रहना है। इसलिए किसी भी प्रकार की आपदा से बचने हेतु पूर्व तैयारिया महत्वपूर्ण होती है।

वही मुख्य अग्नि शमन अधिकारी एस बी थापा ने प्रतिभागियों को अग्निकांड, अग्निकांड सुरक्षा के उपायों आदि की जानकारी फायरमॉक ड्रिल के माध्यम से दी। साथ ही मौके पर ही आपदा के समय प्रयोग होने वाले उपकरणों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। एसडीओ वन विभाग नेहाचौधरी ने वनाग्नि, वनागनी सुरक्षा, आपदा प्रबंधन संबंधी के बारे में प्रतिभागियों को जानकारी दी।