रामबाग स्थित पौराणिक प्राचीन शिव मंदिर है बुक्सा समुदाय की आस्था का केंद्र, महाशिवरात्रि पर लगेगा बड़ा मेला

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रिपोर्टर- महेन्द्र पाल सिंह

स्थान- गदरपुर

बुक्सा समुदाय की आस्था का केंद्र है रामबाग का शिव मंदिर लगभग 350 साल साल पुराना मंदिर है चंद्रयान क्षेत्र के रामबाग | महाशिवरात्रि पर लगता है छह  दिवसीय मेला | तैयारी पूरी आज | ग्राम प्रधान और ब्लॉक प्रमुख द्वारा संयुक्त रूप में किया मेला का उद्घाटन l उधम सिंह नगर जिले से 16 किलोमीटर दूर दिनेशपुर क्षेत्र के रामबाग स्थित पौराणिक प्राचीन शिव मंदिर तराई के आदिवासी जनजाति बुक्सा समुदाय को अटूट आस्था का केंद्र है रामबाग का शिव मंदिर l

महाशिवरात्रि के अवसर पर प्रतिवर्ष यहां भारी संख्या में कावड़ियों के साथ श्रद्धालु स्थित रामबाग प्राचीन शिवलिंग में जल अभिषेक के लिए लंबे-लंबे लाइन लगाकर खड़े होते हैं और जलाभिषेक करते हैं l यहां शिवलिंग लगभग 350 वर्ष पुराना है बताया जाता कि मंदिर को इस समय वर्तमान पुजारी चंदू सिंह परदादा के परदादा केदारनाथ सिंह इस मंदिर का स्थापित किया था l

चंदू सिंह के अनुसार उन्हें संतान नहीं होते थे पर बाबा के केदार सिंह सिंह ने हिमालय जाकर 12:00 बजे तक कठोर तपस्या की थी l तथा उनके अनुसार  दौरान स्वयं महादेव ने उन्हें दर्शन दिया और चंदन स्थित उसके निकट 4 किलोमीटर दूर रामबाग में एक ऊंचे टीले पर मौजूद शिवलिंग उन्हें प्राप्त हुआ उन्होंने झोपड़ियों में मंदिर में शिवलिंग को स्थापित किया और तभी से लेकर लगातार लगभग साडे 350 वर्ष हो गए यहां पर प्रतिवर्ष महाशिवरात्रि में पूजा अर्चना के करते हुए आ रहे हैं  और भव्य मेला का आयोजन किया जाता है हरिद्वार से तथा उत्तर प्रदेश उत्तराखंड एवं दिल्ली से हजारों कावड़ियों द्वारा यहां पर जलाभिषेक करते हैं मान्यता है कि जो शिवलिंग है समय समय पर अपना रंग को बदलते हैं जो भी भक्त सच्चे मन से उनसे कामना प्रार्थना करते हैं उसका मनोकामना पूर्ण होते हैं l