रामनगर-रानीखेत मोटर मार्ग खस्ताहाल, जोखिम भरा सफर तय करने के लिए मजबूर लोग

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रिपोर्टर – गोविन्द रावत

स्थान- सल्ट (अल्मोडा)

अल्मोडा जिले के विकास खंड सल्ट के  रामनगर रानीखेत मोटर मार्ग मोहान से भतरौजखान तक सफर करना काफी जोखिम भरा है। लोग जान हथेली पर रखकर सफर करते हैं।  ऐसे में लोगों को जोखिम भरा सफर तय करना पड़ता हैं। राज्य बनने के बाद भी उत्तराखंड में कई सरकार आयी । लेकिन  मोहान भतरौजखान  मार्ग की किसी ने कोई सुध तक नहीं ली।

कई स्थानो पर पैराफिट तक नहीं है। मगर चुनाव के समय क्षेत्र के जनप्रतिनिधि घोषणा करतें है और चुनाव के बाद  कोई सुध नही लेता है। रामनगर से बद्रीनाथ गैरसैंण और रानीखेत को जोडऩे वाला मार्ग जोखिम भरा हो गया है। मार्ग में मोहान से भतरौजखान तक  सडक पूरी तरह गढ्ढे में तब्दील है। इस मार्ग पर कई दुर्घटना भी हो चुकी हैं। मगर बडे राजनेता, क्षेत्र जनप्रतिनिघि  इस बदहाल मार्ग से गुजरते हैं और सडक के खस्ताहाल को देखने से नजर अन्दांज कर देते है।

चार विधानसभा से जुडा रामनगर रानीखेत मार्ग को फिर भी क्षेत्र के जन प्रतिनिधि ने विघानसभा में  बदहाल सडक का मुद्दा कभी नहीं उठाया। आज मोहान- भतरौजखान  यह है कि वाहनों का चलना तो दूर  आम आदमी का पैदल तक चलना इस मार्ग पर दुश्वार हो चला है। कुमाऊं में मोहान – रानीखेत, बद्रीनाथ , गैरसैंण को जोडने वाली यह सडक सबसें पुरानी सडकों में मानी जाती है। गांव के बुजुर्ग बताते हैं  कि 1946 में यह सडक बनी। 1954 में सडक में गाडी चलना आरम्भ हुआ। आज सडक की हालत बदहाल के आसूं बहाने में मजबूर हैं।

सरकार ने गैरसैंण को गीष्मकालीन राजधानी तो बना दिया लेकिन गैरसैंण को जाने वाले मार्ग को दुरुस्त करने के बारे में कभी सोचा नहीं। तराई क्षेत्र के अलावा प्रदेश के कई क्षेत्रों से आने वाले लोगों का इसी मार्ग से गैरसैंण आना पडता है। लेकिन इस मार्ग की बदहाल स्थिति कब सुधरेगी, यह देखना काफी दिलचस्प होगा।