यूक्रेन में फंसे अपने बच्चों के लिए चिंतित परिजन

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रिपोर्टर- अज़हर मलिक
स्थान- बाजपुर


भले ही यूक्रेन पर रूस कि सेना द्वारा लगातार हमले किए जा रहे हैं लेकिन रूस के सैनिकों की गोलियां, बम ओर मिसाइलो के धमाके का असर भारत में भी लोगों के दिलों पर पड़ रहा है। यही कारण है कि यूक्रेन में पढ़ाई के लिए गए बच्चों के परिजन यूक्रेन में हो रहे धमाकों से थरथरा रहे हैं और अपने बच्चों की सलामती के लिए ईश्वर से दुआ मांग रहे हैं। इतना ही नहीं प्रदेश सरकार से बच्चों की सही सलामती भारत वापसी की भी मांग कर रहे हैं। यूक्रेन और रूस के पीछे युद्ध बढ़ता ही जा रहा है।

जिससे विश्व युद्ध का खतरा बढ़ता जा रहा है। भारत से मेडिकल शिक्षा के लिए यूक्रेन में गए भारतीय छात्र यूक्रेन में फंसे हुए हैं। तो वही बच्चों के परिजनों को अपने बच्चों की चिंता सता रही है। जहां लगातार मिसाइलों और बम धमाकों से यूक्रेन में रह रहे भारतीय छात्रों की जिंदगी दांव पर लगी है तो वही बच्चों के परिजनों की भी धड़कने बढ़ती जा रही है जिससे उनके परिजनों के चेहरों पर चिंता की लकीरें साफ दिखाई दे रही है।

यही कारण है कि बच्चों के परिजन प्रदेश और भारत सरकार से अपने बच्चों के सही सलामत घर वापसी की मांग कर रहे हैं। बता दें कि बाजपुर के मुड़िया निवासी मोहम्मद इस्माइल का पुत्र मोहम्मद ताजिम यूक्रेन के कीव में मेडिकल शिक्षा के लिए गया था। इस दौरान मोहम्मद इस्माइल ने बताया कि उनके पुत्र से बात करने पर उसने बताया कि फसल से करीब 15 किलोमीटर की दूरी पर बने एयरपोर्ट पर बम धमाके हुए हैं।

मोहम्मद इस्माइल ने बताया कि उनके बच्चे पूरी तरह डरे हुए हैं और अपनी सुरक्षा के लिए स्थान परिवर्तन कर रहे हैं। वही बाजपुर के मुंडिया निवासी मोहम्मद शफी का पुत्र शावेद अली भी मेडिकल शिक्षा के लिए यूक्रेन के पोल्टावा में रह रहा है। उन्होंने बताया कि उनके पुत्र से जब वार्ता हुई तो उसने बताया कि 30 किलोमीटर की दूरी पर कई मिसाइलों से धमाके हुए हैं और रूस के जेट विमान लगातार हवा में उड़ते दिखाई दे रहे हैं। इस दौरान दोनों छात्रों के परिजनों ने भारत सरकार से अपने बच्चों की सलामती और घर वापसी की मांग की है।