

ख़बरों और विज्ञापन के लिए संपर्क करें – 9634912113, 8057536955
न्यूज़ पोर्टल उत्तराखंड के यूट्यूब चैनल में सभी विधान सभा स्तर पर संवाददाता\विज्ञापन संवाददाता, ब्यूरो चीफ की आवश्यकता है, संपर्क करें – 9634912113, 8057536955



रिपोर्टर – मनीष

स्थान – पिथौरागढ़
पिथौरागढ जिलें की रहने वाली बसंती को पद्मश्री पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। बता दें पीएम नरेंद्र मोदी ने मन की बात में पर्यावरण के क्षेत्र मे लंबे समय से उनके कार्यों को याद किया। इस पर बंसती देवी ने बताया कि दस वर्ष की उम्र में ही उनका विवाह पिथौरागढ़ के ख्वाकोट गांव में हो गया था। शादी के दो साल बाद बारह वर्ष की उम्र में वह विधवा हो गई।


इसके बाद वह कौसानी के लक्ष्मी आश्रम चली गई | जिसके बाद वहीं से उन्होंने बारहवीं तक पढ़ाई की | लेकिन उनके जीवन का लक्ष्य वर्ष 2003 में एक समाचार पत्र में छपे लेख ने निधार्रित कर दिया | जिसके बाद वह कोसी नदी, वन, पर्यावरण को बचाने के लिए निकल पड़ी। उन्होंने गांव- गांव जाकर महिलाओं, और ग्रामीणों को समझाया, इसके बाद लोगों ने लकड़ियों के लिए हरे पेड़ काटने बंद कर दिए |


बंसती देवी ने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए भी काफी काम किया। जंगलों के नहीं कटने से गर्मियों मे जो झरने छोटी नदियां सूख जाती थी, वह फिर से वर्ष भर बहने लगी। बसंती देवी आमजन में बसंती बहन के नाम से जानी जाती है। वहीं बसंती देवी के पर्यावरण संरक्षण के कार्यों को देखते हुए मार्च 2016 में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी नारी शक्ति,11 जनवरी 2016 को केन्द्रीय मंत्री सुषमा स्वराज देवी पुरस्कार से सम्मानित करने के साथ पर्यावरण के लिए फेमिना वूमन जूरी अवार्ड 2017 में दिया जा चुका है। जिसके बाद इस वर्ष उन्हें पद्मश्री पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है।


