
स्थान : डोईवाला
ब्यूरो रिपोर्ट


टिहरी बांध की झील में समा चुकी पुरानी टिहरी की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत अब डोईवाला के कोटि अठूरवाला में नई पीढ़ी को देखने को मिलेगी। यहां टिहरी के ऐतिहासिक घंटाघर की तर्ज पर नया घंटाघर और म्यूजियम बनाने की योजना को शासन से वित्तीय स्वीकृति मिल गई है। स्वीकृति मिलने के बाद क्षेत्र के विस्थापित परिवारों में खुशी का माहौल है।


यह योजना नगर पालिका क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले टिहरी विस्थापित क्षेत्र कोटि अठूरवाला के लिए तैयार की गई है। इसका उद्देश्य पुरानी टिहरी की पहचान और ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करने के साथ नई पीढ़ी को अपने इतिहास और संस्कृति से परिचित कराना है।




नगर पालिका के वार्ड नंबर आठ के सभासद संदीप नेगी के प्रस्ताव पर इस पहल को आगे बढ़ाया गया। क्षेत्र में बड़ी संख्या में ऐसे परिवार रहते हैं, जिन्हें टिहरी बांध परियोजना के बाद यहां विस्थापित किया गया था। लंबे समय से इन परिवारों के बीच अपनी पुरानी विरासत और पहचान को संरक्षित करने की मांग उठती रही है।


सभासद संदीप नेगी ने इसे पूरे विस्थापित क्षेत्र के लिए गर्व की बात बताया। उन्होंने कहा कि घंटाघर पुरानी टिहरी की प्रमुख पहचान था, लेकिन विस्थापन के बाद पैदा हुई नई पीढ़ी उस ऐतिहासिक धरोहर को देख नहीं पाई। प्रस्तावित घंटाघर और म्यूजियम के माध्यम से बच्चे अपनी संस्कृति, इतिहास और पुरानी टिहरी की पहचान को करीब से जान सकेंगे।



संदीप नेगी ने योजना को वित्तीय स्वीकृति मिलने पर विधायक बृजभूषण गैरोला, सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार जताया। उन्होंने कहा कि इस निर्माण से विस्थापित परिवारों की पुरानी टिहरी से जुड़ी यादों को सहेजने में मदद मिलेगी और क्षेत्र को एक नई पहचान भी मिलेगी।
विधायक बृजभूषण गैरोला ने कहा कि टिहरी विस्थापित परिवारों की यह लंबे समय से मांग थी। कोटि अठूरवाला में बड़ी संख्या में टिहरी विस्थापित रहते हैं, जो अपनी पुरानी विरासत से भावनात्मक रूप से जुड़े हैं। सरकार ने उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए निर्माण के लिए वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।




विधायक गैरोला ने कहा कि प्रस्तावित घंटाघर और म्यूजियम महज एक निर्माण नहीं, बल्कि टिहरी की संस्कृति और इतिहास का जीवंत स्मारक बनेगा। उन्होंने बताया कि जल्द ही परियोजना का शिलान्यास किया जाएगा, जिसके बाद निर्माण कार्य को आगे बढ़ाया जाएगा।


नगर पालिका अध्यक्ष नरेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि पालिका बोर्ड विस्थापित क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। घंटाघर और म्यूजियम बनने से कोटि अठूरवाला की पहचान बढ़ने के साथ यह क्षेत्र पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण हो सकता है। उन्होंने निर्माण कार्य को गुणवत्ता के साथ पूरा कराने की बात कही।
गौरतलब है कि टिहरी बांध की झील बनने के कारण बड़ी संख्या में परिवारों को पुरानी टिहरी से विस्थापित कर भानियावाला और कोटि अठूरवाला समेत विभिन्न क्षेत्रों में बसाया गया था। अब प्रस्तावित घंटाघर और म्यूजियम के निर्माण से विस्थापित परिवारों को अपनी पुरानी पहचान और स्मृतियों से जुड़ने के साथ नई पीढ़ी को टिहरी के इतिहास और सांस्कृतिक विरासत को जानने का अवसर मिलेगा।

