लगातार बारिश से उफान पर गौला, गौलापार में आवाजाही पर संकट

लगातार बारिश से उफान पर गौला, गौलापार में आवाजाही पर संकट

स्थान : हल्द्वानी
ब्यूरो रिपोर्ट

शहर और पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। गौला नदी के साथ ही क्षेत्र के कई बरसाती नाले उफान पर हैं। तेज बहाव और जगह-जगह जलभराव के कारण लोगों की आवाजाही मुश्किल हो गई है। हाल के दिनों में भारी बारिश के कारण हल्द्वानी-काठगोदाम समेत नैनीताल जिले के मैदानी और पर्वतीय क्षेत्रों में यातायात प्रभावित हुआ है।

गौला नदी का रौद्र रूप लोगों के लिए सबसे बड़ी चिंता बना हुआ है। पिछले दिनों नदी का बहाव 60 हजार क्यूसेक से ऊपर पहुंचने की खबर सामने आई थी। तेज बहाव के कारण नदी किनारे कटाव भी हुआ है। ऐसे में नदी के आसपास रहने वाले लोगों के साथ ही गौलापार क्षेत्र की ओर आवाजाही करने वालों में भी चिंता बनी हुई है।

बारिश का असर केवल गौला नदी तक सीमित नहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों में बरसाती नाले और गधेरे भी उफान पर आने से कई रास्तों पर आवाजाही प्रभावित हुई। फतेहपुर क्षेत्र में भाखड़ा नदी के उफान पर आने से सात से अधिक गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ और स्कूली वाहनों को भी सुरक्षित स्थान पर रोकना पड़ा था।

गौलापार क्षेत्र में भी गौला के तेज बहाव और कटाव ने मुश्किलें बढ़ाई हैं। अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम के आसपास नदी के कटाव से वन भूमि प्रभावित हुई और कई पेड़ गिरने की जानकारी सामने आई। नदी के लगातार बदलते बहाव को देखते हुए आसपास के संवेदनशील इलाकों में विशेष सावधानी की जरूरत बनी हुई है।

वनभूलपुरा-चोरगलिया मार्ग पर बने गौला पुल के आसपास भी नदी का तेज बहाव चिंता बढ़ा रहा है। पुल की सुरक्षा के लिए बनाया गया पीसीसी स्ट्रक्चर क्षतिग्रस्त हुआ है, जबकि बाईपास मार्ग के कुछ हिस्सों में कटाव और भूस्खलन की स्थिति सामने आई है। हालांकि एनएचएआई के अधिकारियों ने मुख्य पुल को सुरक्षित बताया है।

लगातार बारिश के कारण सड़कों पर पानी और मलबा आने से लोगों को रोजमर्रा के कामों के लिए निकलना भी चुनौतीपूर्ण हो रहा है। कई ग्रामीण मार्ग बाधित होने से लोगों को लंबा वैकल्पिक रास्ता अपनाना पड़ा है। इसका सीधा असर नौकरीपेशा लोगों, विद्यार्थियों और रोजाना शहर आने-जाने वाले ग्रामीणों पर पड़ रहा है।

बारिश और गौला के उफान का असर हल्द्वानी की पेयजल व्यवस्था पर भी पड़ा। नदी में भारी मात्रा में सिल्ट आने के कारण फिल्टर प्लांट प्रभावित हुआ और शहर की बड़ी आबादी को पेयजल संकट का सामना करना पड़ा। प्रभावित क्षेत्रों में टैंकरों के माध्यम से पानी पहुंचाने की व्यवस्था भी की गई।

हालात को देखते हुए प्रशासन और संबंधित विभागों को संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रखनी पड़ रही है। बंद सड़कों को खोलने के लिए मशीनरी लगाई गई है। प्रशासन ने लोगों से बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और नदी-नालों तथा भूस्खलन संभावित क्षेत्रों के आसपास विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।

लगातार बारिश के बीच सबसे बड़ी चिंता उन लोगों की है जिनकी रोजमर्रा की आवाजाही गौला और बरसाती नालों से प्रभावित रास्तों पर निर्भर है। कहीं सड़क पर मलबा है तो कहीं तेज पानी रास्ता रोक रहा है। ऐसे में लोग जोखिम के बीच वैकल्पिक रास्तों से अपने गंतव्य तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। बारिश का दौर जारी रहने पर गौला और अन्य नदी-नालों के जलस्तर पर निगरानी के साथ संवेदनशील मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था बेहद अहम बनी हुई है।