
स्थान : हल्द्वानी
रिपोर्टर : पंकज सक्सेना


बनभूलपुरा क्षेत्र में बिना वैध अनुमति संचालित किए जा रहे मदरसों के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। शनिवार को प्रशासन की संयुक्त टीम ने इंदिरा नगर बड़ी रोड और शनि बाजार रोड स्थित दो और मदरसों को सील कर दिया। जांच के दौरान दोनों संस्थानों के संचालक संचालन से संबंधित आवश्यक वैध अनुमति और दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके, जिसके बाद मौके पर ही सीलिंग की कार्रवाई की गई।


शनिवार को सिटी मजिस्ट्रेट एपी वाजपेयी और एसडीएम मोनिका के नेतृत्व में प्रशासन, शिक्षा विभाग, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने दोनों मदरसों का निरीक्षण किया। टीम ने सबसे पहले इंदिरा नगर बड़ी रोड स्थित मदरसे पहुंचकर वहां संचालन से जुड़े दस्तावेजों की जांच की।




इसके बाद संयुक्त टीम ने शनि बाजार रोड स्थित मदरसे का निरीक्षण किया। दोनों स्थानों पर संचालकों से आवश्यक अनुमति पत्र और अन्य अभिलेख मांगे गए, लेकिन जांच के दौरान वैध दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जा सके। दस्तावेज प्रस्तुत न किए जाने पर प्रशासन ने दोनों मदरसों को सील कर दिया।



प्रशासन के अधिकारियों के अनुसार, क्षेत्र में बिना आवश्यक अनुमति संचालित किए जा रहे संस्थानों की जानकारी सामने आने के बाद जांच अभियान शुरू किया गया है। कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने संस्थानों के संचालन से जुड़े दस्तावेजों और अनुमति पत्रों की जांच की। प्रशासन का कहना है कि नियमों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।



सिटी मजिस्ट्रेट एपी वाजपेयी के अनुसार, अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम के गठन के बाद मदरसा बोर्ड भंग किया जा चुका है। वर्तमान व्यवस्था के तहत मदरसों के संचालन के लिए शिक्षा विभाग और उत्तराखंड मदरसा प्राधिकरण से आवश्यक अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित नियमों और आवश्यक अनुमति के बिना संचालित होने वाले संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद बनभूलपुरा क्षेत्र में संचालित अन्य मदरसों और शैक्षणिक संस्थानों के दस्तावेजों की भी जांच किए जाने की संभावना बढ़ गई है।




गौरतलब है कि इससे पहले भी बनभूलपुरा क्षेत्र में प्रशासन ने बिना वैध अनुमति संचालित किए जा रहे दो मदरसों को सील किया था। इसके बाद शनिवार को दो और संस्थानों पर कार्रवाई की गई है। प्रशासन की लगातार कार्रवाई से क्षेत्र में बिना अनुमति संचालित संस्थानों को लेकर जांच का दायरा बढ़ने के संकेत हैं।

अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान जिन संस्थानों के पास संचालन के लिए जरूरी वैध अनुमति और अभिलेख नहीं पाए जाएंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि संस्थानों के संचालन में निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित कराया जाएगा।

