गदरपुर में 3800 से अधिक वोटों पर आपत्तियों की सुनवाई, तहसील में जुटे लोग

गदरपुर में 3800 से अधिक वोटों पर आपत्तियों की सुनवाई, तहसील में जुटे लोग

स्थान : गदरपुर
ब्यूरो रिपोर्ट

गदरपुर में मतदाता सूची में दर्ज वोटों पर लगाई गई आपत्तियों को लेकर शनिवार को बड़ी संख्या में लोग तहसील परिसर पहुंचे। आज 3800 से अधिक लोगों की आपत्तियों पर सुनवाई की जा रही है, जिसके चलते तहसील परिसर में लोगों की भीड़ देखने को मिली।

मामले की जानकारी देते हुए गदरपुर एसडीएम अमृता शर्मा ने बताया कि सुनवाई के लिए गदरपुर में नौ कक्ष बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि शनिवार को करीब 3800 लोगों की आपत्तियों पर सुनवाई की जाएगी, जबकि लगभग 2000 लोगों की सुनवाई 6 सितंबर को गदरपुर तहसील परिसर में होगी।

एसडीएम ने बताया कि जिन लोगों के नाम पर आपत्तियां दर्ज की गई हैं, उन्हें पूर्व में नोटिस जारी किए गए थे। संबंधित लोगों को बुलाकर दस्तावेजों के आधार पर आपत्तियों का निस्तारण किया जा रहा है। प्रशासन की ओर से सुनवाई की प्रक्रिया निर्धारित व्यवस्था के अनुसार आगे बढ़ाई जा रही है।

सुनवाई के लिए पहुंचे स्थानीय निवासी मिंटू ने बताया कि कम समय में दस्तावेज जुटाकर तहसील पहुंचना लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है। उन्होंने कहा कि उनके परिवार के तीन लोगों के वोटों पर आपत्ति दर्ज की गई है, जिसे उन्होंने बेबुनियाद बताया।

मिंटू ने कहा कि लोगों को अपने जरूरी कागजात ढूंढकर सुनवाई में पहुंचना पड़ रहा है। उनका कहना है कि इस प्रक्रिया के चलते लोगों को आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

वहीं प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष राजेंद्र पाल सिंह ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने साजिश के तहत आपत्तियां लगाकर जनता को परेशान करने का काम किया है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के प्रावधान पर विचार किया जा रहा है।

आजाद समाज पार्टी के नेता टोनी पठान ने भी आपत्तियों को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों को परेशान करने के उद्देश्य से, विशेषकर मुस्लिम समाज के लोगों के वोटों पर आपत्तियां लगाई गई हैं। उन्होंने इसे बेबुनियाद बताते हुए पूरी प्रक्रिया का विरोध किया।

उन्होंने कहा कि लोग रोजाना की मजदूरी छोड़कर और अपने बच्चों को घर पर छोड़कर दस्तावेज जुटाने में लगे हैं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है और टोनी पठान ने कहा कि इसका राजनीतिक असर भारतीय जनता पार्टी को भी भुगतना पड़ सकता है। फिलहाल प्रशासन की ओर से आपत्तियों की सुनवाई और उनके निस्तारण की प्रक्रिया जारी है।