
स्थान : चमोली
रिपोर्टर : विनोद पांडे


उत्तराखंड में हिमालय कुंभ के नाम से प्रसिद्ध नंदा देवी बड़ी जात को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। नंदा देवी बड़ी जात समिति की ओर से आयोजित पवित्र यात्रा के तहत मां नंदा देवी की डोलियां आज दोपहर 3:30 बजे कुरूण मंदिर से कैलाश की ओर रवाना हो गईं।


करीब 296 किलोमीटर लंबी इस पैदल धार्मिक यात्रा को विश्व की सबसे लंबी पैदल यात्राओं में शामिल माना जाता है। मां नंदा देवी की डोलियों के कुरूण मंदिर से रवाना होते ही पूरा क्षेत्र जयकारों से गूंज उठा और श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला।




डोलियों के साथ ही हजारों की संख्या में भक्त भी यात्रा में शामिल होकर आगे बढ़ने लगे। कुरूण मंदिर से शुरू हुई इस यात्रा में श्रद्धालुओं का कारवां लगातार बढ़ता जा रहा है और आने वाले पड़ावों पर भी बड़ी संख्या में भक्तों के जुड़ने की उम्मीद है।



नंदा देवी की डोलियां विभिन्न पड़ावों और गांवों से होते हुए कैलाश की ओर प्रस्थान करेंगी। यात्रा के मार्ग में पड़ने वाले गांवों में भी श्रद्धालुओं और ग्रामीणों की ओर से मां नंदा देवी की अगवानी और पूजा-अर्चना की जाएगी।



नंदा देवी बड़ी जात उत्तराखंड की धार्मिक आस्था, लोक संस्कृति और परंपराओं से जुड़ी महत्वपूर्ण यात्रा है। इस यात्रा को लेकर लंबे समय से श्रद्धालुओं में उत्साह बना हुआ था और अब डोलियों के रवाना होने के साथ ही धार्मिक माहौल और भी भक्तिमय हो गया है।

यात्रा के आगे बढ़ने के साथ श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार इजाफा होने की उम्मीद है। आयोजकों के अनुसार, आने वाले पड़ावों पर भक्तों का कारवां इतना बढ़ सकता है कि श्रद्धालुओं की संख्या लाखों तक पहुंचने की संभावना है।



कुरूण मंदिर से डोलियों के प्रस्थान के दौरान श्रद्धालु मां नंदा देवी के जयकारे लगाते नजर आए। भक्तों ने मां नंदा देवी से सुख-समृद्धि और क्षेत्र की खुशहाली की कामना की।

फिलहाल मां नंदा देवी की डोलियां कैलाश की ओर अपनी पवित्र यात्रा पर निकल चुकी हैं और हजारों श्रद्धालु उनके साथ चल रहे हैं। यात्रा के आगे बढ़ने के साथ ही उत्तराखंड की इस धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का भव्य स्वरूप देखने को मिलेगा।

