
स्थान : बाजपुर
रिपोर्टर : विशेष शर्मा


हल्द्वानी की घटना को लेकर कांग्रेस नेताओं की बयानबाजी के बीच भाजपा ने पलटवार किया है। भाजपा के पूर्व राज्यमंत्री ने प्रेस वार्ता कर कांग्रेस पर संवेदनशील घटना को बिना जांच जातीय भेदभाव से जोड़कर राजनीतिक मुद्दा बनाने का आरोप लगाया।

भाजपा नेता ने कहा कि किसी भी घटना को लेकर निष्पक्ष जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने से पहले उसे जातीय भेदभाव का रूप देना उचित नहीं है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं से आरोपों के समर्थन में ठोस तथ्य और प्रमाण जनता के सामने रखने की मांग की।




भाजपा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य से सवाल किया कि यदि हल्द्वानी की घटना जातिगत भेदभाव के कारण हुई है तो इसके ठोस प्रमाण सार्वजनिक किए जाएं। भाजपा नेताओं ने कहा कि गंभीर आरोप लगाने के बजाय तथ्यों के आधार पर बात होनी चाहिए।


भाजपा नेताओं ने कहा कि घटना की जांच संबंधित एजेंसियों और कानून के तहत होनी चाहिए। उनका आरोप है कि कांग्रेस जांच पूरी होने से पहले ही मामले को राजनीतिक और जातीय रंग देने का प्रयास कर रही है, जिससे सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो सकता है।


प्रेस वार्ता में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य की भूमिका पर भी भाजपा ने सवाल उठाए। भाजपा नेताओं ने कहा कि संवेदनशील मामलों में राजनीतिक बयानबाजी के बजाय तथ्यों और कानूनी प्रक्रिया पर भरोसा किया जाना चाहिए।

भाजपा ने कहा कि समाज में आपसी भाईचारा और सौहार्द बनाए रखना सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है। किसी भी घटना को लेकर बिना पर्याप्त तथ्यों के ऐसी बयानबाजी नहीं होनी चाहिए, जिससे समाज में विभाजन की स्थिति पैदा हो।



इसी मुद्दे को लेकर भाजपा की ओर से सात सितंबर को जिला मुख्यालय पर सामाजिक सौहार्द संकल्प धरना आयोजित किया जाएगा। पार्टी नेताओं ने कहा कि धरने के माध्यम से सामाजिक एकता और सौहार्द का संदेश दिया जाएगा तथा कांग्रेस की कथित जातीय राजनीति का विरोध दर्ज कराया जाएगा।

हल्द्वानी की घटना को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। भाजपा जहां कांग्रेस से आरोपों के प्रमाण सार्वजनिक करने की मांग कर रही है, वहीं इस पूरे मामले को लेकर राजनीतिक बहस तेज होती जा रही है। अब सात सितंबर को प्रस्तावित धरने के जरिए भाजपा अपना विरोध दर्ज कराएगी।

