
स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट


उत्तराखंड में भारी बारिश के बीच चारधाम यात्रा लगातार जारी है। मौसम की चुनौती को देखते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए परिवहन विभाग ने वाहनों की जांच और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। आरटीओ प्रशासन संदीप सैनी ने सभी बस और ट्रक यूनियनों को वाहनों की फिटनेस दुरुस्त रखने के निर्देश दिए हैं।


आरटीओ प्रशासन ने कहा कि मानसून के दौरान सड़क पर फिसलन बढ़ने के साथ वाहनों में तकनीकी खराबी हादसों का कारण बन सकती है। ऐसे में यात्रा मार्ग पर संचालित होने वाले वाहनों की नियमित तकनीकी जांच बेहद जरूरी है।



उन्होंने बस और ट्रक यूनियनों को वाहनों की हेडलाइट, वाइपर और ब्रेक समेत सभी आवश्यक तकनीकी व्यवस्थाओं की जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। खराब या मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाने वाले वाहनों को यात्रा मार्ग पर संचालित न करने की हिदायत दी गई है।



आरटीओ ने वाहन चालकों को ओवरस्पीडिंग और ओवरलोडिंग से पूरी तरह बचने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान सड़क की स्थिति को देखते हुए निर्धारित गति सीमा का पालन करना बेहद जरूरी है, ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना की आशंका को कम किया जा सके।


वाहन चालकों को नशे की हालत में वाहन नहीं चलाने की भी सख्त हिदायत दी गई है। आरटीओ ने यूनियनों को निर्देश दिए कि वे अपने चालकों के बीच सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान चलाएं और सुरक्षित ड्राइविंग के नियमों का पालन सुनिश्चित करें।
आरटीओ प्रशासन संदीप सैनी ने स्पष्ट किया कि चारधाम यात्रा पर देश-विदेश से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा परिवहन विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। यात्रियों की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।




उन्होंने कहा कि वाहन संचालन में नियमों की अनदेखी या किसी भी तरह की लापरवाही सामने आने पर संबंधित चालक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यूनियनों को भी अपने स्तर से वाहनों और चालकों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने को कहा गया है।

भारी बारिश के बीच चारधाम यात्रा को सुरक्षित बनाए रखने के लिए परिवहन विभाग की ओर से वाहन फिटनेस, चालक अनुशासन और सड़क सुरक्षा पर विशेष जोर दिया जा रहा है। विभाग का उद्देश्य तकनीकी खामियों और लापरवाही के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोकते हुए श्रद्धालुओं को सुरक्षित यात्रा उपलब्ध कराना है।

