
स्थान : चंपावत
ब्यूरो रिपोर्ट


लोहाघाट के कांग्रेस विधायक खुशाल सिंह अधिकारी ने मुख्यमंत्री के जिले चंपावत में विकास कार्यों में भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी के गंभीर आरोप लगाए हैं। गुरुवार को विधायक ग्राम प्रधानों के साथ मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों के समक्ष पंचायतों में चल रहे विकास कार्यों में अनियमितताओं की शिकायत की।


विधायक अधिकारी ने जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ), ग्राम पंचायतों के अभियंताओं और पंचायत स्तर पर होने वाले विकास कार्यों में कमीशनखोरी के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के कारण ग्राम पंचायत प्रतिनिधि और आम जनता परेशान हैं तथा इसका सीधा असर विकास कार्यों पर पड़ रहा है।



विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री लगातार भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने का दावा करते हैं, लेकिन उनके ही जिले में भ्रष्टाचार चरम पर है। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास कार्यों के लिए करोड़ों रुपये की धनराशि आ रही है, लेकिन कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार के चलते योजनाओं का लाभ जनता तक सही तरीके से नहीं पहुंच पा रहा है। शिकायतों के बावजूद जांच नहीं होने का भी उन्होंने आरोप लगाया।



अधिकारी ने पाटी ब्लॉक में कृषि यंत्रों की खरीद में कथित घोटाले का मामला भी उठाया। उन्होंने कहा कि मामले की जांच होने के बावजूद आरोपियों के खिलाफ अभी तक कार्रवाई नहीं की गई है। विधायक ने आरोप लगाया कि अधिकारी जनप्रतिनिधियों और जनता की समस्याएं सुनने तक को तैयार नहीं हैं। उन्होंने डीपीआरओ पर फोन नहीं उठाने का भी आरोप लगाया।


इस दौरान विधायक की अधिकारियों के साथ तीखी बहस भी हुई। विधायक और एपीडीओ विम्मी जोशी के बीच भी बहस हुई, जिसके बाद एपीडीओ वहां से चली गईं। विधायक अधिकारी ने आरोप लगाया कि जिले के विभिन्न विभागों में भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी का बोलबाला है। उन्होंने कहा कि जब विधायक की शिकायतों को ही गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है तो आम जनता की समस्याओं का क्या हाल होगा।

विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि डीपीआरओ द्वारा कमीशन ऊपर तक पहुंचने की बात कही जाती है। हालांकि, ये आरोप विधायक की ओर से लगाए गए हैं। विधायक ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर वह पंचायत प्रतिनिधियों के साथ सीडीओ कार्यालय में धरना देंगे।



मामले में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जीएस खाती ने विधायक द्वारा लगाए गए आरोपों को गंभीर बताते हुए सभी मामलों की गहन जांच का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि उच्च अधिकारियों के निर्देश पर आरोपी अभियंता का स्थानांतरण किया जा रहा है और इसके आदेश डीपीआरओ की ओर से जारी कर दिए गए हैं। साथ ही डीपीआरओ से स्पष्टीकरण भी मांगा जा रहा है।


सीडीओ के जांच और कार्रवाई के आश्वासन तथा आरोपी अभियंता के स्थानांतरण आदेश के बाद लोहाघाट विधायक ने अपना धरना स्थगित कर दिया। विधायक अधिकारी ने कहा कि जिले में भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और विकास कार्यों में अनियमितताओं के खिलाफ वह आगे भी आवाज उठाते रहेंगे।

