किच्छा अनाज मंडी में सफाई व्यवस्था बदहाल, गंदगी और जलभराव से व्यापारी-किसान परेशान

किच्छा अनाज मंडी में सफाई व्यवस्था बदहाल, गंदगी और जलभराव से व्यापारी-किसान परेशान

स्थान : किच्छा
ब्यूरो रिपोर्ट

ऊधम सिंह नगर जिला मुख्यालय से करीब 14 किलोमीटर दूर किच्छा स्थित कृषि उत्पादन मंडी समिति में सफाई व्यवस्था की बदहाली से व्यापारी और किसान परेशान हैं। कुमाऊं के प्रवेश द्वार पर स्थित इस प्रमुख मंडी परिसर में जगह-जगह कूड़े के ढेर, गंदगी और दुर्गंध के कारण बीमारी फैलने की आशंका बनी हुई है।

मंडी परिसर में कई स्थानों पर बड़ी-बड़ी घास उग आई है, जिसके चलते जहरीले सांप और अन्य कीड़े-मकौड़े घूमते नजर आते हैं। व्यापारियों का आरोप है कि मंडी की सफाई व्यवस्था पर हर महीने लाखों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद हालात में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है।

स्थानीय लोगों और व्यापारियों के बीच यह भी चर्चा है कि उत्तराखंड की करीब 26 अनाज मंडियों में सफाई व्यवस्था का ठेका एक भाजपा नेता से जुड़े ठेकेदार को दिया गया है। आरोप है कि मंडियों में सफाई व्यवस्था के नाम पर करीब 40 से 45 लाख रुपये का भुगतान किया जा रहा है। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक स्तर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

मंडी की नालियों में गंदगी जमा होने से कई नालियां बंद हो चुकी हैं। व्यापारियों का कहना है कि थोड़ी सी बारिश होने पर मंडी परिसर की टूटी-फूटी सड़कें पानी से भर जाती हैं, जिससे आवागमन प्रभावित होने के साथ ही व्यापारिक गतिविधियों में भी दिक्कत आती है।

किच्छा कृषि मंडी में फल मंडी, अनाज मंडी, मछली मंडी और सब्जी मंडी संचालित होती हैं। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में किसान और व्यापारी अपने उत्पाद लेकर पहुंचते हैं, लेकिन परिसर में फैली गंदगी के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय व्यापारियों का आरोप है कि सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग कई बार मंडी प्रशासन के समक्ष उठाई जा चुकी है। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। व्यापारियों ने नियमित सफाई, नालियों की सफाई और परिसर में उगी घास की कटाई कराने की मांग की है।

कृषि अनाज मंडी के सचिव मोहनचंद पांडे ने बताया कि मंडी प्रशासन की ओर से समय-समय पर सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया जाता है। उन्होंने कहा कि ठेकेदार को भी दो-तीन बार व्यवस्था में सुधार करने के निर्देश दिए जा चुके हैं।

सचिव ने कहा कि यदि निरीक्षण में सफाई व्यवस्था में कमी पाई जाती है तो अगले महीने ठेकेदार का भुगतान रोकने के लिए मंडी परिषद को पत्र लिखा जाएगा। अब देखना होगा कि प्रशासन की कार्रवाई के बाद किच्छा मंडी की सफाई व्यवस्था में कितना सुधार आता है और व्यापारियों व किसानों को गंदगी और जलभराव की समस्या से कब राहत मिलती है।