
स्थान : चमोली
रिपोर्टर : विनोद पांडे


चमोली पुलिस साइबर सेल की टीम ने प्रौद्योगिकी संस्थान, कोठियालसैंण पहुंचकर छात्र-छात्राओं को तेजी से बदल रहे साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को डिजिटल दुनिया में बढ़ते अपराधों से बचाव के लिए जरूरी सावधानियों की जानकारी देना रहा।


कार्यक्रम में उपनिरीक्षक नवनीत भंडारी ने छात्रों को एआई के जरिए होने वाले फ्रॉड, डीपफेक वीडियो और आवाज के माध्यम से की जाने वाली ठगी के बारे में जानकारी दी। उन्होंने फर्जी एआई प्रोफाइल, डिजिटल अरेस्ट और सोशल मीडिया के जरिए होने वाली डिजिटल ठगी से बचने के उपाय भी बताए।




छात्रों को ऑनलाइन ट्रेडिंग और इन्वेस्टमेंट फ्रॉड, फर्जी जॉब ऑफर तथा टेलीग्राम और व्हाट्सऐप आधारित स्कैम के बारे में भी विस्तार से समझाया गया। इसके अलावा फर्जी ऐप और वेबसाइट के माध्यम से होने वाली ठगी तथा सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा करने से होने वाले खतरों के प्रति भी सतर्क किया गया।



पुलिस टीम ने छात्रों को बताया कि साइबर अपराधी लगातार नई तकनीक का इस्तेमाल कर लोगों का विश्वास हासिल करने के बाद ठगी को अंजाम दे रहे हैं। ऐसे में तकनीकी रूप से सक्षम होने के साथ-साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते समय सतर्कता बरतना बेहद जरूरी है।


कार्यक्रम के दौरान युवाओं को नशे के बढ़ते प्रचलन और इसके दुष्प्रभावों के बारे में भी जागरूक किया गया। पुलिस ने छात्रों से नशे से दूर रहने, अपने साथियों को भी इसके प्रति जागरूक करने तथा नशे के कारोबार से जुड़ी किसी भी जानकारी को पुलिस तक पहुंचाने की अपील की।

कार्यक्रम को संवादात्मक रखा गया, जिसमें छात्र-छात्राओं ने साइबर अपराध, सोशल मीडिया सुरक्षा और नशे से जुड़े विभिन्न सवाल पूछे। साइबर सेल की टीम ने छात्रों के सवालों का व्यावहारिक तरीके से जवाब देते हुए उन्हें साइबर सुरक्षा के जरूरी उपाय बताए।



इस दौरान संस्थान के रजिस्ट्रार सन्दीप कंडवाल, डीएसडब्लू अभिषेक अग्रवाल और डीन आर एंड डी अरविन्द गोस्वामी मौजूद रहे। कार्यक्रम में साइबर सेल से हेड कांस्टेबल अंकित पोखरियाल, कांस्टेबल रविकांत और कांस्टेबल जितेन्द्र रावत भी उपस्थित रहे।

पुलिस टीम ने छात्रों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध लिंक, कॉल, मैसेज, ऐप या सोशल मीडिया प्रोफाइल पर बिना जांच के भरोसा न करें। साथ ही साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल पुलिस को सूचना देने और डिजिटल सुरक्षा के प्रति अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक करने का संदेश दिया।

