प्राचीन श्रीराम मंदिर में 4 सितंबर को जन्माष्टमी, 5 को होगा नंदोत्सव

प्राचीन श्रीराम मंदिर में 4 सितंबर को जन्माष्टमी, 5 को होगा नंदोत्सव

स्थान : हल्द्वानी
रिपोर्टर : संजय जोशी

नगर के प्राचीन श्रीराम मंदिर में इस वर्ष श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मंदिर परिसर में चार और पांच सितंबर को दो दिवसीय धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। महोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं में भी खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।

मंदिर के पुजारी विवेक शर्मा ने बताया कि चार सितंबर को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मनाया जाएगा, जबकि पांच सितंबर को नंदोत्सव का आयोजन किया जाएगा। दोनों ही दिनों मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रम होंगे।

जन्माष्टमी महोत्सव के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं पर आधारित आकर्षक झांकियां सजाई जाएंगी। झांकियों के माध्यम से श्रद्धालुओं को श्रीकृष्ण के जीवन और उनकी विभिन्न लीलाओं से रूबरू कराया जाएगा।

महोत्सव में भजन संध्या का भी आयोजन किया जाएगा। भजन संध्या में प्रसिद्ध भजन गायक शुभम तिलकधारी, दिव्या शर्मा, अमन सांवरिया और अश्विनी श्रीवास्तव अपनी प्रस्तुतियां देंगे। भजनों के माध्यम से श्रद्धालु देर रात तक कृष्ण भक्ति में सराबोर होंगे।

जन्माष्टमी के अवसर पर रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय विशेष महाआरती आयोजित की जाएगी। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के मंदिर पहुंचने की संभावना है। महाआरती के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद का वितरण भी किया जाएगा।

श्रीराम मंदिर प्रबंधन समिति की ओर से महोत्सव को लेकर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाएं की गई हैं।

वहीं नगर के अन्य प्रमुख मंदिरों में भी जन्माष्टमी को लेकर विशेष तैयारियां की जा रही हैं। सत्यनारायण मंदिर, मुखानी शिव मंदिर सहित कई अन्य मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। मंदिरों में रंग-बिरंगी रोशनी और सजावट श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।

इन मंदिरों में भी जन्माष्टमी का पर्व धार्मिक आस्था और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और अन्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

जन्माष्टमी और नंदोत्सव को लेकर नगर में भक्तिमय माहौल बनने लगा है। मंदिर प्रबंधन समितियां श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में जुटी हैं। चार सितंबर को श्रीकृष्ण जन्म के साथ शुरू होने वाला यह उत्सव पांच सितंबर को नंदोत्सव के साथ संपन्न होगा।